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क्या गुजर रही होगी उस परिवार पर जिसने ये घटना स्वयं देखी थी! "भाग जाओ!" वो आदमी बोला, फिर से घुसा मारा उसने! "जान से मार दूंगा!" अब उसने धमकी दी...
गए! वापिस छत पर गए । और फिर सब शांत हो गया! चले गए थे वो वहाँ से, कमरे में सभी की रुकी हुईं साँसें अब चल पड़ी फिर से! "ये तो फिर वापिस आ गए" मीना ने...
रात दो बजे जैसे कोई छत पर कूदा, लम्बे लम्बे डग भर कर जैसे छत की पैमाइश का रहा हो, एक बार और । धम्म की आवाज़ आई, लगा कोई दूसरा इन्सान भी कूदा हो, और फि...
"हाँ, मुझे यक़ीन नहीं था इस से पहले" मीना ने कहा, "मुझे भी नहीं था, लेकिन अब देख लिया" रवि ने कहा, अब खड़ी हुई मीना, वहाँ से बाहर गयी, गुसलखाने की...
"आपकी बहुत कृपा होगी!" रवि ने कहा, अब बलराम ने जेब से चाकू निकला और सबसे पहले बाहर का दरवाज़ा कीलित किया, फिर एक एक कमरा और फिर छत! "लीजिये सारा घर ...
लात जमाई! बिसन तो गिरा सामने जाकर दरवाजे के पास और ओझा गिरा दहलीज़ के पास! ओझा किसी तरह से खड़ा हुआ, मुर्गा भागा वहां से जान बचा कर, उस आदमी से नहीं ब...
"हाँ, मेरा" उसने कहा, "नहीं, तेरा नहीं है!" ओझे ने कहा, । "मेरा घर है" उसने जवाब दिया! "अच्छा! और कौन कौन हैं यहाँ तेरे साथ?" ओझे ने पूछा, "मे...
बिसन ने थाल सजा दिया, उसमे बंधा हुआ जिन्दा मुर्गा रखा, सरसों, उड़द और शराब रखी फिर अगरबत्ती सुलगा दी! ओझा बैठा और मंत्र पढ़े उसने! आँखें खोलीं! "कौन...
"हाँ जी, बहुत खतरनाक घर है ये" उसने कहा, "क्या है जी यहाँ?" रवि ने पूछा, । "यहाँ तीन प्रेत हैं, मैं महसूस कर रहा हूँ" उसने बताया, "अब?" रवि ने प...
"अच्छा" उसने कहा, उसने एक कागज़ पर नाम लिखे सभी के और ज़ेब में रख लिया! "ठीक है, मै आज दोपहर को आऊंगा आपके घर" उसने कहा, "दोपहर को? आप अभी चलिए?...
"चलिए" उसने कहा, अब जाकर शांति मिली सभी को! "वो हटा देगा इनको यहाँ से?' मीना ने पूछा, "हाँ जी, सारा गाँव वहीं आता है उसके पास, जब भी किसी को हवा...
और मित्रगण! किसी तरह से सूर्य महाराज ने अपने आने की सूचना दी जैसे पक्षियों को! बाहर से वाहनों के गुजरने के शोर से और पक्षियों की चहचाहट से वे सभी वापि...
और अगले ही पल मीना पछाड़ खा के गिरी नीचे! सभी की चीख निकली! सिद्धार्थ ने दौड़ कर माँ को उठाया और रवि ने दरवाज़ा बंद कर दिया! "क्या हुआ?" रवि ने मीना...
फिर से दस्तक हुई! लगा कोई तोड़ ही देगा दरवाज़ा! कुछ भयावह पल बीते! दस्तक बंद हुई! लेकिन कमरे की बत्ती हुई अब गुल! कमरे में लगी घड़ी के काँटों के चलने ...
"एक औरत ने मुझे गले से पकड़ के उठाया और मेरे हाथ में ये पोटली दी, मैंने फेंक दी" माता जी ने बताया! अब तो जैसे भय ने अपने इक्के का पत्ता चल दिया था! ...
