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दोपहर हुई, भोजन आया और हम तीनों ने भोजन किया, और मैंने अपने क्रिया-स्थल में जाकर समस्त सामग्री और वस्तु का प्रबंध किया! झाडू लगाईं वहां! साफ सफाई की! ...
"क्यों डरता था?" मैंने पूछा, "मुझे वज्रनाथ ने डरा दिया था, जहां मै था उस समय" उसने बताया, "समझ गया" मैंने कहा, "इसीलिए नहीं आया। उसने बताया, "...
खैर, ये पद्म बाबा तो अब थूकेगा अपने जन्म को, देख लेना!" मैंने कहा, । "मै भी यही चाहता हूँ!" वे बोले, "ऐसा ही होगा शर्मा जी, किसी एक नाथू को उसकी प...
"कह नहीं सकता, लेकिन ध्रुव नाथ आदमी सही है" मैंने कहा, "सही? कैसे?" उन्होंने पूछा, "वो प्रपंची नहीं है" मैंने बताया, "अच्छा " वे बोले, कुछ देर...
"मै समझा नहीं?" उन्होंने कहा, "पद्म नाथ को मौत मिली तो अपने दुष्कर्म और दुष्कृत्य वो किसको बताएगा? इसीलिए उसका जीवित रहना आवश्यक है, हाँ, जीवित ऐसा ...
शर्मा जी ने नाथू का झोला खोला, बस तीन तस्वीर! कपड़े में लिपटी हुईं! शर्मा जी ने उनको बाहर निकाला! पहले उसके बेटे की तस्वीर देखी, सजीला, मुस्कराहट के स...
"बस! बस नरसिंह बस!" मैंने कहा! उसने आंसू पोंछे! "बहुत भटक लिया नरसिंह तू! अब ठहरने का समय आ गया! तुझे अब ठिकाना मिल गया!" मैंने कहा! मैंने उसको ...
प्रातः काल उठा तो शर्मा जी सोये हुए थे, मै नित्य-कर्मों से फारिग होने चला गया, स्नान के पश्चात आया तो शर्मा जी को जगाया, वे जागे, देखा सुबह के साढ़े प...
"कैसे भूल सकता हूँ, घर गया तो वहां परेशान, किसी के यहाँ गया तो वहाँ परेशान, नाथू ही घूमता रहा मन में, इसीलिए यहाँ चला आया!" वो बोले, "मुझे पता था" म...
"ठीक है" मैंने कहा, "मै शाम को आता हूँ अब" वे बोले, "ठीक है, आ जाइये" मैंने कहा, वे चले गए और मै यहाँ नाथू के विषय में सोचने लगा, बाबा पद्म ने ए...
"अच्छा गुरु जी, मान लीजिये, यदि नाथू वहाँ से स्वयं अलग हो जाये तो?" उन्होंने अकाट्य प्रश्न किया! "तो संभव है!" मैंने कहा, मेरे पास अन्य कोई उत्तर शे...
"मतलब?" उन्होंने पूछा, "मतलब की पद्म नाथ नेपाल में हैं ध्रुव नाथ के साथ!" मैंने कहा, "आज भी?" उन्होंने पूछा, पिछले नौ महीने पहले यही पता चला था मु...
"ओह" वे बोले, "हाँ" मैंने कहा, "ऐसा क्यों?" उन्होंने पूछा, "कोई योग्य गुरु नहीं मिला उसको" मैंने कहा, "समझ गया मै!" वे बोले, "वो भटकता रहा, ...
सोता अगर नींद आ जाये तो! सारी सारी रात उनसे बातें करता, रोता, चिल्लाता और क्या करता शर्मा जी वो! " मैंने कहा, इतना सुन शर्मा जी की आँखों से आंसू बह ...
"फिर क्या हुआ?" उन्होंने पूछा, "नाथू का अपने परिवार में मनमुटाव तो था ही, सभी ने मुंह फेर लिया, क्या करते वो भी, क्या मदद करते? सांप तो स्वयं नाथू न...
