श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष 1995 दिल्ली की एक घटना

मेरे दिल मे भी उसके इन शब्दों के लिए सम्मान उभरा लेकिन मैने कुछ नही कहा! चुपचाप खड़ा रहा! "बताओ मुझे? मुझसे प्यार करते हो?" उसने पूछा और मुझसे हट गय...

2 years ago
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RE: वर्ष 1995 दिल्ली की एक घटना

आ जाएँ या उसके मामा जी को भेज दें, वो सकुशल और सुरक्षित है! वो लोग आए, उसके मामा मामी, मैने बहुत समझा-बुझा के उसको वापिस भेज दिया! उसके मामा मामी ने प...

2 years ago
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RE: वर्ष 1995 दिल्ली की एक घटना

फिर थोड़ी देर शांत रह कर उसने कहा, "एक बात कहूँ?" "हाँ, बताइए, कहिए?" मैने कहा, "आप यहाँ आ सकते हैं अभी?" उसने पूछा, "वहाँ, हाँ आ सकता हूँ, कहाँ...

2 years ago
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RE: वर्ष 1995 दिल्ली की एक घटना

"आप भूल गये शायद" उसने कहा, "आप याद दिलाइए तो?" मैने कहा, "हम ट्रेन मे मिले थे, याद आया?" उसने कहा, "ट्रेन मे मिले थे?" मैने याद करने की कोशिश क...

2 years ago
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RE: वर्ष 1995 दिल्ली की एक घटना

लिए, उसने पैसे देने को कहा तो मैने मना कर दिया, तभी अचानक गाड़ी चल पड़ी, हम बाहर ही थे, अब मैने उसका हाथ पकड़ा और भागा कोच की तरफ! लेकिन वहाँ काफी भीड...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० पानीपत की एक घटना

"हाँ!" मैंने कहा, "दिन चौदस, काल-रात्रि!" उसने कहा और वो भी लोप हुई! मै वहीं ज़मीन पर बैठ गया! समय देखा चार से ऊपर का समय था! मुझ पर बेहोशी छाने व...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० पानीपत की एक घटना

मेरे नेत्रों में फिर से सैलाब ने ज़ोर मारा! उन्होंने अपने गले से उतार कर एक माला मुझे दी, स्फटिक की माला! एक सिद्ध माला! मेरे सर पर हाथ रख कर उन्नति-म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० पानीपत की एक घटना

मेरे नेत्रों में जल उतर आया था! उन्होंने मेरे नेत्र देखे और फिर बोले, " जो कुछ भी हुआ यहाँ वो गलत हुआ, मै इसके गुनाहगारों को सजा ज़रूर दूंगा" मै चुप...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० पानीपत की एक घटना

अब सभी काँपे! "बोलो?" वो गुस्से से बोले, "जी हाँ" शम्स ने कहा, कुछ ना बोले वो अब! मेरे पास तक आये! "क्या चाहते हो बालक?" उन्होंने पूछा, "यही...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० पानीपत की एक घटना

"तू नहीं जानता!" वो बोला, "मै सब जानता हूँ!" मैंने कहा, "कुछ नहीं जानता तू!" वो बोला और फिर से हंसा! अब मुझे क्रोध आ गया! मैंने अब भस्म को अभी म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० पानीपत की एक घटना

कर सकता था! "तू कलंक है औघड़ के नाम पर शम्स! क़ायर औघड़ है तू!" मैंने कहा, अपनी जीत का ढोल सुन वो हंसा अब जोर से! "मै कत्ल कर दूंगा सभी को, सभी ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० पानीपत की एक घटना

"कीलन मत कर" वो बोला! "तो मेरी बात मानो तुम सब!" मैंने कहा, "नहीं, नहीं मानेंगे!" वो अभी भी गुस्से में था! "फिर मै नहीं रुकुंगा!" मैंने कहा, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० पानीपत की एक घटना

"नहीं ये संभव नहीं!" उसने कहा, "तो मै वही करूँ जो मै नहीं करना चाहता?" मैंने पूछा, वो चुप हो गया! "बोल शम्स?" मैंने पूछा, "नहीं, असंभव!" उसने ...

2 years ago
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