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मैंने सुना और जैसे मेरे दिमाग में धमाका हुआ! मेरे होश उस समय फ़ाख्ता हो गए! उसने अपना हाथ मेरी ओर किया और एक चुटकी सी मारी! और उसी क्षण मेरा ध्यान ट...
करते करते करीब दस प्रेत जैसे हाज़िर हो गए! मैंने हाथ छोड़ दिया उसका! सभी मुझे घेर के खड़े हो गए! "तेरी इतनी हिम्मत?" उसने नथुने फड़का के कहा, "तेर...
थी, उसके साथ कुछ और कन्याएं भी थीं, सर पर पीले रंग का कपडा बांधे, साध्वी ने अपने हाथ में एक फूलों की डलिया ले रखी थी, उसमे संभवतः जूही के फूल थे, लग त...
अभी हम बात कर रहे थे कि अमित आये ऊपर, आते ही घबराते हुए बोले, "गुरु जी आइये, कुछ दिखाता हूँ आपको" हम दोनों तेजी से उठे और उनके साथ चले! नीचे आये तो ...
"कमाल है! तो वो फूल कहाँ चढ़ा रही थी?" उन्होंने पूछा, "कोई पिंडी सी थी वहाँ" मैंने कहा, "पिंडी!" उन्होंने हैरत से पूछा, "हाँ!" मैंने कहा, "अच्...
उसने मुझे एक चांटा मरने की कोशिश की, मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा, "अरे जा साध्वी! दासता करेगी तू मेरी!" मैंने कहा, अब उसने क्रोध के मारे मुझे अपशब्द...
"कौन हो तुम?" उसने पूछा, मैंने परिचय दे दिया, "चले जाओ यहाँ से" उसने मुझे वहाँ से जाने का मार्ग दिखाया! "आप कौन हैं?" मैंने पूछा, उसने मुझे घू...
"चले जाओ यहाँ से!" जैसे उसने कहा, मुझे सुनाई पड़ा! मैंने कोई उत्तर नहीं दिया! "चले जाओ" वो बोली, मै फिर भी चुप! वो सभी इकट्ठे हुए! सभी के हाथो...
"हाँ!" मैंने कहा, "क्या?" उन्होंने पूछा, "यहाँ कोई छोटी-मोटी चीज़ नहीं है!" मैंने कहा, "मतलब?" उन्होंने पूछा, "कोई है यहाँ, काफी शक्तिशाली!" म...
टिका! आंच का ताप बेहद सुकून दे रहा था! काफी देर वहीं बैठा मै, फिर उठा तो तभी एक सहायक ने रोक लिया, चाय आई तब, मैंने चाय पीनी आरम्भ कर दी! चुस्की ले ले...
सहायक आया और फिर से एक एक चाय और दे गया, अब सर्दी में तो चल ही जाती है चाय, सो पीने लगे! "ठीक है अमित साहब, मै इस शनिवार को आता हूँ आपके पास, तब तक ...
"फिर क्या गुरु जी, मेरे बेटे का एक्सीडेंट हुआ, सर में इक्कीस टाँके आये, मेरी बेटी पीलिया की शिकार हो गयी, मेरी पत्नी बीमार रहेने लगी, मै क्या करता?" व...
"बताता हूँ, जो यहाँ रह रहा था पहले, उसने भी ऐसा ही देखा होगा!" मैंने बताया! "गुरु जी, हो सकता है!" वे बोले, "यही बात है" मैंने कहा, "गुरु जी, जो...
"फिर?" मैंने पूछा! उन्होंने चाय का घूट भरा और नीचे रखा कप! "और फिर गरु जी, अब जब मन में ऐसा लगने लगे कि ये क्या गड़बड़ है और उसका कोई सटीक उत्तर भी ...
"हमे यहाँ आये हुए कोई पद्रह-सत्रह दिन ही हुए हैं, लेकिन घर में अजीब अजीब सी घटनाएँ हो रही हैं,पहले तो हमने वहम मान कर बात आई गयी कर दी, परन्तु अब निश्...
