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ऐसा कैसे हुआ?अब ये कैसे पता चले?अब ये तो केवल,स्वयं गोपी या,स्वयं बाबा जागड़ ही बता सकता था!जागड़ तक पहुंचना बहुत ज़रूरी था!खबर पक्की थी!और अब!यहां से रव...
रोज ही फ़ोन आते,लेकिन अभी तक,बाबा काली की तरफ से कोई खबर नहीं आई,ठीक नौवें दिन,बाबा काली का फ़ोन आया,खबर मिली!आखिर खबर मिली!तमेंगलौंग के बीहड़ जंगल में,ए...
कोई सिरा नहीं मिला था,जहां से पकड़ा जाए,और आगे बढ़ें,कुछ नहीं!"कौन है ये बाबा जागड़?" उन्होंने पूछा,"मुझे पता चला है" मैंने कहा,"कौन है?" उन्होंने पूछा,"...
कि कौन है ये जागड़ बाबा?इस गोपी का,और इस जागड़ बाबा का क्या लेना देना?पहेली अभी भी नहीं सुलझी थी,और उलझे जा रही थी!जांच सम्भव नहीं थी,ये बाबा जागड़ जो भी...
हो सकता ही कि,कोई बात बन ही जाए?उम्मीद हालांकि न के बराबर ही थी,लेकिन भेजने में,कोई दिक्कत न थी!मैं उठा!और क्रिया-स्थल में गया!और शाही-रुक्का पढ़ा ताता...
लेकिन मैंने नहीं रोका,एक तो पुत्र-प्रेम,ऊपर से अनहोनी की आशंका,इसी कारण से नहीं रोका मैंने उनको,और वो अगले दिन,मणिपुर के इस जिले,तमेंगलौंग के लिए रवान...
कौन था वहाँ?अब उसका उत्तर,बाबा शेखर ही दे सकते थे,और अब सुबह ही पूछना था उनसे ये सब,तो उस रात हम खा-पीकर अपना सो गए,सुबह फारिग हुए,नहाये-धोये,और फिर च...
ये कोई,अलग ही जाति लग रही थी,कोई पहाड़ी जाति,या ऐसी,जिस से मैं अभी तक,अनभिज्ञ ही था! अब तक बस यही हाथ लगा था,वो नाम तमेंगलौंग,और वो तीन सांप की केंचु...
वे भी हैरान हुए!कोई नतीजा नहीं निकला था!और वो तमेंगलौंग,ये क्या था?जब तक इसका पता नहीं चलता,तब तक तो,अँधेरा ही अँधेरा था!तभी एक विचार कौंधा,मैंने अपना...
फिर आधा घंटा हो गया!अब मैं घबराया!कहीं कोई अनहोनी तो नहीं हो गयी?क्या हुआ?आया क्यों नहीं?और तभी हाज़िर हुआ वो!शांत सा!हाथ में,कुछ लिए हुए,मुझे दिया उसन...
"खोज की?" मैंने पूछा,"बहुत खोज की" वे बोले,मैंने गरदन हिलायी,कुछ सोचा,"कोई तस्वीर है?" मैंने पूछा,"हाँ है" वे बोले,और एक तस्वीर ले आये, एक किताब में स...
और उसके बाद, बाबा रूपदेव से बात हुई,बाबा शेखर के पते के बारे में पूछा,और फिर निकल पड़े हम वहाँ के लिए!करीब दो घंटे में पहुंचे वहां,कोई जुलूस था सड़कों प...
मैंने हाँ कर ही दी,अब मुझे मिलना था,उन शेखर बाबा से!अब मैं उठा, बाबा से विदा ली,और अपने स्थान के लिए रवाना हो गया! मैं सीधा आया अपने ही स्थान पर,शर्...
"गोपी दो माह से गायब है" वे बोले,"गायब?" मैंने पूछा,"हाँ" वे बोले,अब यहां पर,इस गायब शब्द के बहुत मायने थे,गायब,अर्थात सब जांच कर ली थी,कोई सुराग नहीं...
बाबा अभी किसी पूजन से उठे थे,आये और बैठ गए,"स्नान हो गया?" उन्होंने पूछा,"अभी नहीं बाबा" मैंने कहा,"स्नान कर आओ पहले" वे बोले,"जी" मैंने कहा,और उठ गया...
