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पीछे लगी थी! हम भागे वहाँ से पक्के की ओर! एक अहाता पार किया और फिर एक कमरे के बाहर रुक कर दस्तक दे दी, ठण्ड में हाथ कुल्फी हो चले थे! दुबारा दस्तक द...
“अरे शम्भु? मरवाएगा क्या?” मैंने कहा, “कहा करी?” वो बेचारा इक-हल्लर होते हुए बोला! “सुलपा कहाँ है?” मैंने पूछा, “बाबा सूंत गए” वो बोला, कैसे ज...
आज हरि साहब का काम-काज चौगुना और तीन पोते हैं! छोटे लड़के की भी शादी हो गयी, लड़की भी खुश है! सभी पर नूर बरसा है बाबा नौमना का! और, आप सभी का धन्यवा...
है, फिर मेरा वजूद नहीं रह जाएगा कुछ भी!कोई भी सत्तारूढ़ हुआ तो मै, मै नहीं रहूँगा और ये गुरु-माल मेरे लिए फंदा बन जाएगा, बाबा!” मैंने कहा, वो मुस्कुर...
“आइये” मैंने कहा, “कितना भव्य मंदिर है, मै अभी देख कर आया हूँ, लाल रंग का!” वे बोले, “हाँ, अब साफ़ सफाई करवा दीजिये वहाँ” मैंने कहा, “कह दिया मैं...
दोपहर हुई और फिर शाम! तभी शंकर आया वहाँ, कम से कम दस फीट खुदाई हो चुकी थी और तब एक दीवार दिखाई दी, पत्थर की! अब वहाँ से घड़े, सिल और पत्थर निकलने लगे...
बेहोश हो गया! जब मेरी आँख खुली तो मै बिस्तर पर लेटा था, कमरा जाना पहचाना लगा, ये हरि साहब का घर था! चक्र घूमा स्मृति का! सब याद आने लगा! मै चौंक...
“अभी नहीं” वे बोले, अब मै समझ गया! “सुनो” ये नौमना बाबा की आवाज़ थी! मै वहाँ गया! “किरली का मंदिर निकालो” वे बोले, “अवश्य” मैंने कहा, “वहाँ...
मैंने भाभर को देखा! संकुचाते हुए खड़ी थी वो! “मै इसीलिए लिवा कर आया था तुम्हे!” खेचर ने कहा, अब मै समझा! भामा और शामा आगे आयीं अब! अपनी कटारें ...
“किसलिए बाबा?” मैंने घुटनों पर बैठते हुए बोला, “समय पूर्ण हुआ” उसने कहा, “कैसा समय बाबा?” मैंने विस्मय से पूछा, “तू जानता है” वो बोला, “नहीं ब...
तभी आकाश से कुछ महाभीषण प्रेत प्रकट हुए, गले में त्रिकोण धारण किये हुए! मैं जान गया, ये वज्राल महाप्रेत हैं! किसी भी शक्ति से टकराने वाली वज्राल महाप्...
और ये क्या??? भूमि में से जगह जगह सर्प निकलने लगे! विषैले भुजंग! ये माया नहीं थी! सर्प कुंडली मार कर बैठ गए थे, मुझे घेर के! मैंने तब सर्प-मोहिनी ...
तेरे पास अभी वर्ष शेष हैं, सदुपयोग कर उनका!” वो बोला, “वही कर रहा हूँ” मैंने कहा, “तू नहीं कर रहा!” उसने कहा, “मै कर रहा हूँ” मैंने कहा, “तू न...
अब उसने अपना त्रिशूल उठाया और भूमि पर एक वृत्त बना दिया! और फिर उसमे थूक दिया! तभी उसकी क्रिया स्पष्ट हुई! चौरासी डंक-शाकिनियां प्रकट हुईं! अपने श...
