श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Feb 5, 2026
Topics: 245 / Replies: 9249
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

“आज भी पुष्प एकत्रित करने आयी हैं?” विपुल ने पूछा! “ह…हाँ!” इथि ने कहा, झूठ! फिर से झूठ! “कर लिए?” उसने पूछा, “हाँ” उसने कहा, एक और झूठ! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

घर आयी! अनाज फटकारा! और अब हुआ मध्यान्ह! भागी तीर की तरह घर से पल्ली के पास! पल्ली पहले से ही थी तैयार! चल पड़ी इथि के संग! इथि आगे आगे और ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

अलख जगी! अलख जगी आँख खुलते ही इथि के सीने में! भागी बाहर! माँ उसके व्यवहार से परेशान! पिता और भाई हैरान! ये क्या हुआ अचानक इथि को? तीन दिन...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

अब तो फिर से प्रतीक्षा! दो गुना बेसब्री! कल की! यही तो होता है! कोरे कागज़ पर एक छोटी सी स्याही की बूँद भी अपना अस्तित्व ज़ाहिर कर दिया करती है!...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

“बताया था” इथि ने कहा, “फिर? कहाँ थी” पिता ने अब प्रेम से पूछा, “पल्ली के साथ” उसने कहा, “किसलिए?” पिता ने पूछा, “वैद्य के पास जाना था, सो मैं...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

इतना बोझ! इतना बड़ा एहसान! मर गयी इथि! मुड़के वो मुस्कुराया भी था! धम्म! बैठ गयी इथि जस की तस! अब खोए सच में होश! हो गया रिक्त संज्ञान-कोष...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

इथि ने देखा! सखी ने देखा! वे आये और ठहर गए! विस्मय! “आपको पुष्प नहीं मिले?” विपुल ने इथि से पूछा, “मि…मिल गए” संकुचाते बोली इथि! “फिर? किस...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

ये तो सीधे आते हैं, चले जाते हैं, परदेसी भी हैं, इन्हे कैसे पता? और फिर? यहाँ पुष्प कैसे? कहाँ से आये? ये क्या माया है? ऐसे ऐसे कई प्रश्न! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

“आइये” विपुल ने कहा, वे संकोच में खड़ी रहीं! “आइये? संकोच न कीजिये, वहाँ पुष्प ही पुष्प हैं!” विपुल ने कहा, वे चल पड़ीं उसके पीछे! और मित्रगण! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

फिर? प्रश्न-चक्र घूमा इथि के मस्तिष्क में! अब दोनों सखिया चुप! चुप वे भी! “आप किसलिए आती हैं यहाँ?” विपुल ने पूछा, पल्ली को ऐसे प्रश्न की आश...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

बड़ी अजीब सी मुसीबत! कहीं बुरा न मान जाएँ! “क्या आप यहीं रहती हैं, आस पास?” सुचित ने पल्ली से पूछा, “जी, वहाँ, वहाँ है हमारा गाँव, हम वहीँ रहती ह...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

अब कैसे हो? कैसे बात बने? कैसे ज़ाहिर करे? बड़ी मुसीबत! खैर, सूर्यदेव ने बताया कि मध्यान्ह होने को है! आने वाले हैं वो परदेसी! ह्रदय धक्! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

रात्रि आयी! विकट गुजरी! भोर हुई! आँखों में ही सबकुछ हो गया! प्रहर बदल गए! कोई आने वाला है! सुबह! कुछ सोचा और सुबह सुबह ही निकल पड़ी इथि! ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

प्रेम भड़क जाये तो हाल खराब ही होता है! अर्थात उचाट देता है दीन-दुनिया से! मैं मैं नहीं रहता और वो और वो हो जाया करता है! जी उचट जाता है! यही हुआ इथि क...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० गोरखपुर की एक घटना

उच्च घराने के व्यवसायी! तेरी क्या बिसात! तू है क्या? तेरा प्रेम क्या है इथि? मिथ्या-भ्रम! और कुछ नहीं! और तभी! नेत्र से प्रेम के आंसू गि...

1 year ago
Page 39 / 633
error: Content is protected !!
Scroll to Top