Last seen: Feb 5, 2026
बाबा ने अलख तैयार की! सारा सामान संजो कर रख दिया अलख के पास! एक चेला दायें बैठा और एक बाएं! और अब बाबा ने अलख उठायी! रुकिए! रुकिए! ये क्या...
ये शक्ति है क्या? कौन है? पता तो करना होगा! “ऐ लड़की, क्या नाम है तेरा?” अब बाबा ने गुस्से से पूछा! इथि चुप! उस भोली को तो ये भी नहीं पता कि क्...
बाबा ने आँखें बंद कीं! और एक मंत्र जागृत किया! एक चुटकी मिट्टी उठायी और सामने दे मारी इथि पर! ये क्या! बाबा जैसे उछल पड़े! उनके चेले स्तब्ध! ...
कौन सुने! बेचारी इथि! बहुत बुरा बीता समय इथि का! समय का ज्ञान ही न रहा! कब रात हुई कब सुबह और कब मध्यान्ह! उसके केवल मध्यान्ह का समय ज्ञात रहा...
अंधी! प्रेमान्ध! इथि को रोता देखा माँ भी रोये, पिता भी चेहरा फेरे! बड़ा भाई भी उठ जाए वहाँ से! माँ! एक बार! पिता जी! एक बार! भैया! एक बार...
पुष्प देने के लिए! वो वहाँ नहीं होगी तो……..? क्या सोचेंगे? नहीं! नहीं! मुझे जाना ही होगा! दरवाज़ा पीट लिए उसने! चीखी-चिल्लाई! अब कौन सुने...
सख्ती से समझा दिया गया! अब चुप इथि! क्या हो अब? ऐसे तो दम घट जाएगा! मर जायेगी इथि! देह ही तो यहाँ हैं, परन्तु जीवात्मा तो वहाँ है! विपुल...
और ओझ पाँव पटकता चला गया वहाँ से! कल वो बनारस जाएगा! इथि का इलाज करवाने! घर में जैसे सन्नाटा पसर गया! साफ़ साफ़ ताक़ीद कर दी गयी कि इथि कहीं बाहर न...
भेज दिया गया! माँ और पिताजी अब चिंतित! भयाक्रांत वो ओझा भी! उठ बैठा वो चारपाई से! “उठो, मेरे संग बाहर आओ” उसने इथि के पिता जी से कहा, वे उठे...
माँ दौड़ के गयी अंदर इथि के पास, वो सो गयी थी! सोयी नहीं थी, विचरण कर रही थी! कहीं और! संध्या हुई! पिता जी ले आये एक ओझे को! गाँव का ही ओझा था वो...
“तू कैसे बदल गयी इथि? सभी पूछ रहे हैं” माँ ने पूछा, अब सबकी चिंता ही कहाँ! कौन सब! अब केवल विपुल! काश! वो पूछे ये प्रश्न! काश! वर्ष २०...
और पटल पर विपुल! मुस्कुरायी वो! और करवट ले ली! पटल पर विपुल को लिए! माँ ने कितनी बार पुकारा, पता ही न चला! दो तीन बार हाथ से धकेला भी! लेक...
इतना कहा विपुल ने और अपने राह चल दिए वे दोनों! उनके गुजरते ही हुई प्रतीक्षा आरम्भ! वे चलते चले गये! वो देखती रही! जब तक कि ओझल न हो गए! पल्ल...
अवाक रह गयी! विस्मित भी! उसने मार्ग को देखा जहां विपुल गया था! दौड़ कर गयी वहाँ! वे जा रहे थे! और अब तो काफी दूर चले गये थे! वो वहीँ आयी वापिस, उ...
चौंक पड़ी इथि! विशेष पुष्प! विशेष के लिए किसी! सम्भवतः! “धन्यवाद!” उसने कहा, “कोई बात नहीं!” विपुल ने कहा, “कुछ ऐसे!” विपुल ने अपनी मुट्ठी ...
