श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

हम निकल पड़े थे, सुबह थी, धूप में अभी जान नहीं थी, हाँ, वैसे भभका अभी भी था, लेकिन अब नीचे ही उतरना था, चढ़ाई तो करनी नहीं थी, आराम से चलते हुए हम वहा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

और अंत में लौहदंडधारी को नमन किया! और गिलास उठा कर, मुंह से लगाया, और सीधे हलक में उतार दी! गले को चीरते हुए नीचे चली वो! जैसे समीप से कोई तेजी से आ र...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

था, तभी बड़े बाबा ने लस्सी मंगवा ली, लस्सी क्या जी, यूँ कहो कि कटोरों में दही डाली थी, और उसी में बूरा डाल दी गयी थी! कटोरा मुंह से लगाया और खाने ल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

लेकिन टीन पर पेड़ों की छाया पड़ रही थी, इसी वजह से बाहर से कम तापमान था वहाँ, मैंने बाबा के चरण छुए, शर्मा जी ने भी, और फिर बाबा ने बिठा लिया हमे अ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

मिला, तो शरीर भी हरकत में आ गया! जूते खुलते ही पाँव जैसे कैद से आजाद हो गए! बहुत बहुत पुचकारा उन्होंने! धन्यवाद किया हमारा! नहीं तो आज छाले शोभा बढ़ा ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला गोरखपुर की एक घटना

और ये आधा किलोमीटर! साँसें उखड़ सी गयीं उसी क्षण! मैं और शर्मा जी एक दूसरे को ताड़ने लगे! एक तो चढ़ाई, ऊपर से ये आधा किलोमीटर की घिसाई, पाँव गालियां द...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ मोदीनगर उ.प्र. की एक घटना

और मेरे सर पर हाथ फेरा! फिर झोले में से, ताज़ा चम्पा के फूल निकाले, कुछ मुझे दिए और कुछ खुद ने लिए, और गड्ढे में चढ़ा दिए! फिर मंसूर बैठ गया, मै...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ मोदीनगर उ.प्र. की एक घटना

और वो उनका मान-सम्मान करते रहें, सेवा करते रहें, हर तीज-त्यौहार में निमंत्रण देते रहें तो, कई वंश तर जाते हैं, दुःख नाम को भी नहीं शेष रहता। धन-धान्य,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ मोदीनगर उ.प्र. की एक घटना

और फिर गड्ढे से बाहर आ गया, मैं भी गड्ढे से बाहर निकल आया, मुझे समझ नहीं आया कि क्यों तो गड्ढे में गए, और क्यों बाहर ही आ गए! मंसूर बाहर खड़ा रहा, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ मोदीनगर उ.प्र. की एक घटना

यही तो चाहता था मैं! "मंसूर, यहाँ कौन हैं?" मैंने पूछा, "बाबा" वो बोला "कौन से बाबा?" मैंने पूछा, वो चुप! हंसा! "खुद ही जान जाओगे!" वो बोला, वो जिन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ मोदीनगर उ.प्र. की एक घटना

पहुंचा, उसी गड्ढे के पास एक स्थान पर, साफ़-सफाई की, निपुण जी को ज़रूरी सामान लेने भेज दिया था, तब तक जगह साफ़ करवा ली थी, झाडू मैंने ही लगाई थी, अब रा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ मोदीनगर उ.प्र. की एक घटना

और रात को फिर से एक बजे, वही आदमी दिखा, वो आकाश को देखता, इशारा करता, जैसे किसी को आदेश दे रहा हो, और फूल गिर जाते! वो एक एक करके, फूल उठा लेता! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ मोदीनगर उ.प्र. की एक घटना

निपुण साहब आ गए थे, भोजन ले आयेथे संग, चाय पी ही ली थी, मज़दूर भी लाये थे अपने संग, अब चार मज़दूर थे वहां, भोजन किया, और फिर काम शुरू करवाया, काम शुरू...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ मोदीनगर उ.प्र. की एक घटना

और फिर काम रुक गया, उस रात भी वहीं रुकना पड़ा, अब चूंकि उस शक्ति का पता नहीं था कि कौन सी है, इसलिए कोई मांस-मदिरा का प्रयोग नहीं किया, रात हुई, भोजन ...

2 years ago
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