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अत्यंत ही प्रबल और संहारक शक्तियों का भंडार है ये! ये, एक महाविद्या की प्रबल और मुख्य सहोदरी है! चंद्रा नाम इसका इसी कारण से है कि, इसका तेज, चन्द्र स...
और इस से पहले शुपिता प्रकट हो, भंड और उसकी तीनों सहोदरियां मैदान छोड़ गयीं! हम तीनों, पाँव पड़ गए उस आभा-मंडल में दीखती हई, उस दीर्घ स्त्री-काया का! ग...
अट्टहास गूंजे! प्रबल अट्टहास! कपाल कटोरों में रखी मदिरा भी कम्पन्न से सिहर उठी थी! अलख बेलगाम हो चली थी! शुपिता का आह्वान अब घोर हो चला था! शुपिता के ...
उचित नहीं! अब चाहे वो सात्विक साधना हो, अथवा कोई तांत्रिक साधना! शुपिता ऐसी ही एक शक्ति है! यदि सिद्ध हो, तो प्राण रक्षण में समर्थ है! भंड-भंजिनी महाप...
और मेरे सर में चुपड़ दी! ऐसे ही खुद भी किया, और बाबा बच्चा सिंह, धूल में नहाये हुए, आ गए वहाँ, वो वायु वेग में बह चले थे, पर कोई चोट नहीं पहुंची...
बाबा बच्चा सिंह, अलख का गुणगान किया जाते! बाब मतंग मंत्र पढ़ते हुए उठे, भूमि पर एक चतुर्भुज काढ़ा, एक स्त्री की रचना की इस से, मांस और मदिरा से श्रृंग...
और भूमि से टकराएं वो, उस से पहले ही, शून्य उन्हें लील जाता! ये बाबा मतंग की पर-विदया थी! उन्होंने भूमि, दिशाएँ और नभ, सब नाप दिए थे! सुरक्षा-चक्र से ढ...
और तब तक, बाब मतंग नाथ ने अपना जौहर दिखाया! असीम नाथ हवा में उठा! चिल्लाते हुए! उन दोनों को पुकारते हुए! असीम नाथ हवा में झूला झूल रहा था! और मैं, ...
और द्रुत-गामिनी शक्तियों से वार किया करता था! बाबा सेवड़ा, निश्चिन्त जान पड़ता था! और वो बाबा असीम नाथ! नग्न था! गले में मालाएं धारण किये हुए, भस्म...
ऑधिया, कल्लव, नेत्रांग, भुल्लव, अष्ट्रान्गी, आदि के स्वर गूंजे! आज तो वे मानव रक्त पीने के लिए, मुस्तैद खड़े थे! कौन गिरे, कौन कटे, बस इसी प्रतीक्षा म...
और अब उसके मस्तक के बीच में, एक लम्बी सी अभिमंत्रित कील ठोक दी गयी, उसकी कोहनियों के मध्य भी, उसके घुटनों के मध्य भी, और एक मुंड में, ऊपर के हिस्से...
सूर्य देव वापिस हए अस्तांचल में! और अब शुरू हुआ औघड़ समय! शाम कोई साढ़े सात बजे, बाबा मतंग नाथ अपने एक सहायक के संग, आ पहुंचे उधर! कुछ बातें हुईं, ...
और जब सत्य सामने आया, तो उसको आभास हुआ! मेरी श्री श्री श्री से बातें होती रहती थीं, वे पग पग पर मेरा ध्यान रखते, यहां, जीवेश ने सभी तैयारियां पूर्ण कर...
करवा दिया! वो कुशाग्र बुद्धि की थी, जल्दी ही सीख गयी! अब मैंने उसकी देह की जांच की, जहां जहां वो तांत्रिक-शक्तियों के आवरण में, लिपट जाती, और मैं उ...
को, अब उसने जो बात बतायी, उस से तो लगता था कि, बाबा हुँदा, सेवड़ा बाबा ही मुख्य खिलाड़ी हैं! असीम नाथ तो मात्र धन निकालने के कार्य किया करता है! सेवड़...
