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इंतज़ार था किसी का! आज का स्नान भी ख़ास था! वस्त्र भी खास और चाल-ढाल भी खास! फिर हुई दोपहर!! अब अब लगी, लगी!! प्रेम की लगी! इस लगी का कोई नाम नहीं!...
आँखों में झाँका!! आँखों में, हया की छाँव थी! गहरी छाँव! "पंद्रह दिन!!" बोली माला! उसको चिढ़ाते हुए!!!! "एक पखवाड़ा!" सुना तूने? बोली माला! सुन्न पड़ ग...
क्यों? पूछ न गंगा!! कैसे पूछे! शब्द ही नहीं निकल रहे थे मुंह से! होंठ, खुल ही नहीं रहे थे! "कल नहीं आ पाया था मैं गंगा!" बोला वो! कुछ न बोले! देखे भी ...
तक नहीं आया था वो घुड़सवार! माला सब देख रही थी, लेकिन बोली कुछ न, ये मात्र उस गंगा का अंतर्दवंद था, इसीलिए नहीं उलझी उस गंगा से! कई बार पानी भरा, और क...
"तू बात नहीं करती मुझे!" बोला वो! फिर भी न बोली कुछ! "कुछ तो बोल गंगा?" बोला वो! "सुबह, दोपहर, शाम रात, तेरी याद आती है गंगा!" बोला वो! अब उसका एक ...
क्या जाने गंगा!! गंगा चलने लगी वहां से, घड़ा उठाये! "सून तो सही?" बोला वो! सामने आ खड़ा हुआ था उसके! दिल की धड़कन सभी सुन सकते थे उसकी, बस उस भूदेव...
गंगा!! बातें करते करते, पहुँच गयी घर! उस दिन, माला छेड़ती रही सारा दिन गंगा को! और गंगा, दो-मन की हुए बैठी रही! बोली कुछ नहीं! अगले दिन. फिर से पान...
एक कहानी, जो आज जीवंत हो उठी थी, उन अम्मा की जुबानी! अब मैं आपको वही कहानी सुनाता हूँ! अपने शब्दों में! इसमें कल्पना नाम की कोई चीज़ नहीं है! जैसा सुन...
बुजुर्ग थीं, सोचा अब तंग न किया जाए उन्हें! मैं खड़ा हुआ, "कल आना बेटा, अगर वक़्त हो तो" बोली अम्मा! "हाँ अम्मा। हाँ!" बोला मैं! और निकल आया बाहर! ...
और अम्मा नीचे, अपने कपड़े सुंधा रही थीं! "कौन से गाँव की हो अम्मा?" मैंने पूछा, अम्मा ने गाँव का नाम बता दिया! मेरे लिए तो नया ही नाम था, सुना ही नहीं...
भरा था, मेरा बदन बहत भारी हो चला था, मेरी आँखें बंद हुए जा रही थीं, बार बार! वहां क्या हुआ था, कुछ पता ही नहीं था, और फिर मुझे वही याद आया! वो बारिश! ...
मंगल!! मेरे मुंह से निकला मंगल!!! मंगल, हाथ पकड़े उस बुधवि का खेल रहा था!! ये क्या था? सपना? या कोई कल्पना? नहीं समझ आया! मैं तो उस बरसात में बस भीग र...
अलग हो जाएंगे! शरीर दोफाइ हो जाएंगे। अब शरीर में कंपकंपी छूटने में देर नहीं थी! मैंने चेवाट-नाशिनी विद्या का आह्वान किया। और कुछ ही देर में, चेवाट-...
करते जब क्रिया आरम्भ होती! हाँ, रजनी हमारे संग ही आ बैठी थी! उसने भी तैयारी करनी शुरू कर दी थी! सबसे पहले, महाकराक्ष को ही जागृत करना था, और उसके ब...
