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और फिर बाबा शिवराम खड़े हुए, प्रणाम किया और चले गए वहाँ से! "कमाल की चीज़ है!" मैंने कहा, "हाँ, मेरी समझ से बाहर है!" बोले हंस के वो! "मैं पढ़ता है इस...
और मुंह में भी आभूषण! ऐसा खुश! मेरे हाथ अब एक नायाब चीज़ लगने वाली थी! वो पाण्डु-लिपि! रहा न जाए! बैठा न जाए! ज़मीन धकेले मुझे ऊपर! गरदन पर टिका सर, ब...
ऐसा क्यों? आज तक विज्ञान मात्र अटकलें ही लगा रहा है! संसार में एक मात्र ऐसा गाँव है, जहाँ ऐसा अधिकतर होता है, क्या तर्क है इसके पीछे, नहीं पता, कम से ...
पंख थे, गीधराज जटायु को भी एक प्राचीन ग्रन्थ में सुपर्णा ही बताया गया है! गीधराज के धाता सम्पाति भी सुपर्णा ही थे, अब ये तथ्य नहीं पता अथवा शोध नहीं ह...
अपनी जूतियां उतार, आ पहुंचे हमारे पास, "बैठो शिवराम" बोले बाबा! बैठ गए वो! "अब तबियत कैसी है?" पूछा बाबा ने, "अब ठीक है"बोले वो, "ये हैं वो, जिनके बार...
"कुछ खा-पी तो लेते?" बोली वो! "उसकी कोई बात नहीं! मिलते हैं दीपावली पर!" कहा मैंने! और उसके चेहरे को छूते हए,अब विदा ली मैंने! आया वापिस बाबा के पा...
और हमने पकड़ी सवारी, शहर के लिए! दो पकड़नी पड़ी, और आ गए शहर, यहाँ से अपना कुछ सामान खरीद लिया! और चल दिए बाबा बिंदा के स्थान के लिए! यहां से फिर एक स...
ही संतान थीं बाबा की, कमला की माँ को गुजरे भी कोई दस बरस हो चुके थे, दया तो आती थी उस पर, लेकिन कोई कहता नहीं था उसको कुछ भी, उसके दुःख को कोई उबारना ...
तो चटाई पर लेट गया, और शर्मा जी भी,अपनी चादर पर लेट गए! पेड़ों की छाया पड़ती थी हम पर कभी कभी! जब पेड़ झूमते हवा के चलने से! वो सर्द-गर्म स्पर्श ही धू...
कुरूप, फलां, फलां तबके से, फलां रोगी, फलां नेत्रहीन, फलां अपंग, फलां भिखारी! कैसे कह दूँ! मैं कैसे कर दूँ तेरा अपमान? बस! यही है वो सूत्र! मैं जैसा...
नैया दूसरी पार जा लगती है, तो वहाँ अपना कुछ नहीं होता! वहाँ तो बस एक यात्री हैं हम! भटके, अपना कुछ है नहीं, सो फिर से नैय्या में सवार हुए! और आ पहुंचे...
और हम हटने लगे! वे दोनों वहीं रुके रहे! हमें टकटकी लगाए देखते रहे! और फिर एक झटके में ही दोनों आगे बढ़े हमारे लिए! "रुक जाओ!" मैंने कहा! और सभी ...
बीस फीट पर रुका! एक और करारी सी फुकार! इस बार बहुत तेज! जैसे पूरे फेंफड़ों की हवा बाहर निकाल दी हो! वो मादा, लिपटने लगी उस नर से! और नर, उसको सिमटाने ...
अब हम खड़े हो गए थे, देख रहे थे, क्या कर रहा है ये सिद्धा? "इधर आओ?" चिल्लाया सिद्धा! हम सभी भाग छूटे ये सुन! गए उसके पास! टोर्च हमारी तरफ थी, तो देख ...
