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“कोई सिद्ध!” मैंने कहा, “ओह…………” वे बोले, “हाँ, कोई सिद्ध!” मैंने कहा, “ये तो…….भयानक बात है” वे बोले, “हाँ, है तो” मैंने कहा, “ये सात्विक स...
हाथ बहुत तेज लगा था वैसे तो! आवाज़ बड़ी तेज आयी थी! तभी चौंक पड़े थे हम! “आओ” मैंने कहा, हम बढ़े केले के पेड़ों की तरफ! एक जगह पानी पड़ा था, और कह...
“चलिए” वे बोले, अब हम चल दिए! हम वहाँ पहुंचे! मंत्र-जाप बंद हुआ! ये एक साधिका थी! कोई बीस-बाइस बरस की! सर ढांपे! धोती पहने! हम और आगे ...
हम खड़े हुए और चल पड़े! टहलते टहलते पहुँच गए! दिनेश जी वहीँ था! नमस्कार हुई! और हम कोठरे में बैठे! वे दोनों भी वहीँ थे! “आप दोनों यहीं रहना,...
“चल जायेगी” मैंने कहा, फिर चाय भी आ गयी! चाय पी! और हम लेटे अब! फिर से वही प्रश्न! वहीँ उलझे! “कल ही पता चलेगा, सर खुजलाने स एकोई फायदा नह...
कैसा सामर्थ्य है? जब इबु ने प्रवेश ही नहीं किया, या कर पाया तो कोई अत्यंत ही शक्तिशाली अस्तित्व है वहाँ! लेकिन कौन? ये प्रश्न सर खुजाये जा रहा...
जिसकी आशंका थी, जिसका भय था! वही हुआ था! वहाँ कोई शक्ति काम कर रही थी अपना! प्रश्न वही! कौन? कौन है वहाँ? उत्कंठा उच्चतम शिखर पर पहुँच ग...
“आप कमरे से बाहर जाइये ज़रा” मैंने कहा, “जाता हूँ” वे बोले, “किसी को नहीं आने देना” मैंने कहा, “ठीक है” वे बोले, और बाहर चले गये! मैंने दरवाज़...
“कौन सी?” वे चौंके, “वही, जिनके बारे में बताया था दिनेश ने?” मैंने कहा, “हाँ, तो?” वे बोले, “उन्होंने पीले वस्त्र, धोती पहनी थीं!” मैंने कहा, ...
हाँ जी, लेकिन वो सांप?” उन्होंने पूछा, “रक्षक” मैंने कहा, “किसके रक्षक?” उन्होंने पूछा, “भूमि के” मैंने उत्तर दिया, “अच्छा, मैंने सोचा धन के” ...
दिनेश वहीँ रुकने वाले थे अभी, सो हम तीन चल दिए वापिस घर के लिए, पैदल पैदल पहुँच गए घर! फिर से पानी पिया! गर्मी ने पानी सोख लिया था, सोखे जा रह...
“छुटकारा दिलाओ जी” वे बोले, “मैं और देखूंगा अभी” मैंने कहा, फिर मैंने पानी माँगा, पानी आया, और पानी पिया मैंने, शर्मा जी ने भी पिया! “कभी ...
“कुछ नहीं बताना उनको” मैंने कहा, “नहीं, कुछ नहीं” वे बोले, और फिर नरेश जी को लेकर हम आ गए उस कोठरे में! हम अंदर आ बैठे! “कुछ पता चला?” नरे...
साँपों ने फिर से फुंकार भरी! फिर से आगे बढ़े! फिर से रुके! “यहाँ कुछ ना कुछ गड़बड़ है बहुत बड़ी!” मैंने कहा, “हाँ” वे बोले, सांप फिर से आगे बढ़े!...
“कोई मंदिर सा लगता है” मैंने कहा, “हाँ” वे बोले, तभी सामने धुआं सा उठता दिखा, “वो देखो” मैंने कहा, “धुआं” वे बोले, “चलो उधर” मैंने कहा, “च...
