श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"हाँ, कभी दिखाऊंगा!" कहा मैंने! "हाँ, ज़रूर!" बोले वो, "और तो और!" कहा मैंने, "क्या" बोले वो, "ये सदैव कामग्रसित रहते हैं!" कहा मैंने, "सच में...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"यक्ष समान ही हैं! परन्तु ज्ञान के ज्ञाता है!" बोला मैं, "उत्पत्ति कैसे हुई?" पूछा उन्होंने, "आप जानते ही हो, कुल इक्कीस योनियाँ ऐसी हैं, जिन्हे द...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

फिर से आयी अंदर! "क्या हुआ?" कहा मैंने, "चलना कब है?" पूछा उसने, "परसों चलते हैं" कहा मैंने, हुई खुश! शुभ-रात्रि कहा और चली गयी! "चिपकू है य...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

कैसे पीछे पड़ गयी ये! जान को ही आ गयी! "बताओ?" बोली वो, "अरे? बता दूंगा?" कहा मैंने "अभी बताओ?" बोली वो. "एक बात बताओ!" कहा मैंने, "पूछो?"...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

बेकार में, लूत संग लिए घूमो! लंगूर की दुम जैसे! जैसे वो, अक्सर उसको मोड़कर बैठता है, वैसे! "बताइये?" बोली वो, "सोचने तो दो?" कहा मैंने, "इसमें क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"ऐसे ही" बोली वो, मैं भी चुप हो गया फिर! अपना गिलास बनाया, और गटक गया! "कैसी दिखती हैं ये कजरी?" पूछा उसने! "मात्र अठारह की!" कहा मैंने, "सच...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"हाँ! उसको विद्याधर, महाशुण्ड, सिद्ध है!" बोला मैं! अब तो उत्तमा जैसे पीछे ही गिर जाती! "विद्याधर?" बोली वो, धीरे से! "हाँ, महाशुण्ड विद्याधर!" ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"हाँ, तभी हवा ऐसी है कि खून जमा दे!" कहा मैंने, 'हाँ" बोली वो, "कैसे आना हुआ ऐसी सर्दी में?" कहा मैंने, "आपने ऋषभ बाबा से कुछ बात की थी?" पूछा उसने,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

'अच्छा, वही, नेपाली?" पूछा शर्मा जी ने, "हाँ, वो ही पीता है शब यहां!" बोला वो! "ठीक है!" कहा शर्मा जी ने, "कुछ और लाऊँ?" पूछा उसने, "पकौड़े ले...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"बाहर तो बस बर्फ पड़ने की देर है!" बोले वो, "हाँ, ठंड इतनी है कि पांवों की उंगलियां भी जम सी गयी हैं!" बोला मैं, "हां, बड़ा बुरा हाल है" बोले वो, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

भाग चले थे, और एक जगह बाबा को ले जाते समय, नकुल गिर पड़ा! उसको उठाया, तो बाबा को भी होश आ गया! शांत! बेसुध! अनजान से! खूब झिंझोड़ा उन्हें! नहीं बोले क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

स्वर गूंजे! "रमश एहूँ" बोले बाबा! मेरे तो होश ही उड़ने वाले थे! ये हो क्या रहा था? पहले हिना ने प्रश्न पूछे, अब त्राजिरि ने! और बाबा ने उत्तर भी सह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

ये कैसे छुट गया? और फिर, बाबा ने कैसे सीखा? कैसे? कहाँ से? आखिर, आखिर? ये है कौन सी भाषा? मित्रगण! मुझसे क्या छूट गया, इस भाव से मैं पीड़ित हँ! ये एक ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के समीप की एक घटना

शरद, अर्थात पतझड़! हेमंत अर्थात शीत ऋतु, शिशिर, अर्थात मनभावन और ठंडा! लेकिन क्या आप जानते हैं? कि एक अहोरात्र में चौबीस घंटे होते हैं, और ये सभी ऋ...

2 years ago
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