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से समझौता करते करते, एक दिन,मृत्यू के सामने, घुटने टेक दिए! और तो और, स्व-कल्याण तो हुआ नहीं, हाँ, सभी दुर्गुणों का भरपूर लाभ उठाया! धोखा दिया, यहां त...
उठी, और चल दी बाहर! मैं आवाजें देता रह गया उसको, नहीं रुकी! शायद बाबा बैठे थे, इसीलिए! गिलास खींचा! माल खाया! "हाँ तो फिर?" कहा मैंने, "फिर ...
"क्या हुआ उसके बाद?" पूछा मैंने, "मीता को होश आया! वो किनारे पर थी! किसी ने उठा रखा था उसे अपनी बाजुओं में! लेकिन देख न सकती थी वो, तो चेहरा टटोला उ...
"हाँ, जानता हूँ" कहा मैंने, मित्रगण! अभी हमारे बीच संवाद हुआ था मुरल को लेकर! मुरल एक आसुरिक प्रजाति है! बहुत सुंदर और बलशाली हुआ करते हैं ये! ये ...
"हिमाचल में" बोले वो, "कोई विद्याधर था?" पूछा मैंने, "नहीं" बोले वो, "तो?" पूछा मैंने, "मुरल!" बोले वो, "क्या? मुरल?" पूछा मैंने हैरत से! ...
"कुछ अंट-शंट मत करना, समझीं?" कहा मैंने, "नहीं समझी" बोली वो, "हम तो चले जाएंगे वापिस, तुम यहीं रहोगी, कहीं पहुँच जाओ कजरी के पास अकेले!" कहा मैंन...
कुछ न बोली, बैठ गयी! "चाय पियोगी?" पूछा मैंने, "नहीं" बोली, मिमियाती हुई सी आवाज़ में! "क्या बात है? परेशान हो क्या?" बोला मैं, "नहीं तो?" बोल...
बाइस बरसों की! और सबसे अहम ये, कि आरम्भ कैसे हुई वो कहानी! हमने धन्यवाद किया कजरी का! कि वो सहर्ष तैयार हो गयी थी और उसके बाद, अपना नंबर देकर, हम आ गए...
रूप से! अधिक से अधिक बीस बरस की सी लग रही थी, लेकिन अपने जीवन के चालीस बसंत देख चुकी थी कजरी! और जैसे बसंत पूर्ण रूप से बस गया हो उसकी देह में! "कैस...
"वो गए हुए हैं" बोला वो, "कहाँ?" पूछा मैंने, "असम में" बोला वो, "अच्छा" कहा मैंने, चाय पी ली थी हमने! उसने आवाज़ दी, तो एक प्रौढ़ सा व्यक्ति आ...
जट्ट! वही था! उस से मिला और हम गाड़ी में बैठ गए! ये बढ़िया हुआ था उसने छोड़ दिया हमें बाबा वसु के डेरे पर! डेरा था, जैसे कोई टूरिस्ट-रिसोर्ट! रंग-बिरं...
"वैसे तुम क्यों इतनी जिज्ञासा पाल कर बैठी हो?" पूछा मैंने, "ऐसे ही" बोली, लेकिन मैं कुछ कुछ समझ रहा था उसका आशय! मैं मुस्कुरा पड़ा! वो भी मुस्...
"सर्दी देखी आज?" कहा मैंने, "हाँ, आज तो कड़क है बहुत!" बोली वो, "हाँ, दोपहर तक ही कोहरा छंटेगा!" कहा मैंने, "हाँ" बोली वो, "कहीं जा रही हो क्या?...
"हाँ, डेरे की ज़मीन उन्ही ने दी थी बाबा वसु को" कहा मैंने, "समझ गया!" बोले वो! पानी खत्म हो गया था, और चाहिए था! "लाओ, लाऊँ मैं" बोले वो, उठे,...
"कजरी कोई चालीस बरस की होगी लेकिन लगती नहीं, लगती नव-यौवना ही है!" कहा मैंने, "कमाल है!" बोले वो! "हाँ!" कहा मैंने, "तो ये महाशुण्ड कब आसक्त हुआ उ...
