श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"आजा यार! आज तो सर्दी कमरे में भी घुस गयी!" बोले वो! "आज बहुत जाड़ा है!" बोला वो! "हाँ, बहुत जाड़ा है!" बोले शर्मा जी! चाय दे दी उसने हमें! हमन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

हो गया अन्धकार! शर्मा जी ने अपना लाइटर जला लिया! और ढूंढने लगे मोमबत्ती! तो वो रात तो हमने बातचीत और हंसी-मज़ाक में काट दी! देर रात सोये! सर्दी में, क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"अच्छा! अच्छा! हाँ, ब्याह हो गया उसका, कोई पांच बरस पहले!" कहा मैंने, "अच्छा !" बोले वो! "कहाँ है?" पूछा, "कोलकाता में है" मैंने कहा, "मुझसे ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"उत्तमा! कोई ज़रूरत हो तो बुला लेना मुझे! आ जाऊँगा!" कहा मैंने! तब कहीं जाकर, उसके तपते हाथों से मेरा हाथ छूटा! उसको निहारते हुए, बालों में उंगल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

मैं भागा गुसलखाने की तरफ, मैंने उसक कमर पर हाथ फेरा, और हिम्मत बढ़ाई उसकी, फिर उसने कुल्ला किया, मुंह पोंछा और मेरे सीने से सर लगा लिया! "चलो मेर...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"सच बात है!" मैंने कहा, और तभी मैं उठा! गुसलखाने गया, हाथ-मुंह धोये और वापिस आया, "कहाँ चले?" बोले वो, "अभी आया" कहा मैंने, जैकेट पहनते हुए, औ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"तुम्हे कहीं बना लिया अपनी प्रेयसि तो मैं क्या करूंगा!" बोला मैं! "वो क्यों बनाएगा?" बोली वो! "अब उसकी मर्जी!" कहा मैंने, "और सुनो, कुछ गलत मत ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"हाँ, ऐसे ही रहना, मेरे साथ, वहाँ भी!" कहा मैंने, "हाँ, ऐसे ही!" बोली वो, "अब खाना खा लो!" कहा मैंने, "ठीक है" बोली वो, और खड़ी हो गयी! कपड़े ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"कोई ज़िद नहीं" बोली वो! "मेरी बात मानोगी?" कहा मैंने, अब न बोली कुछ! "मानोगी?" कहा मैंने, न बोले कुछ! मैंने कंधे पर हाथ रखा उसके! हिलाया! "म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"मेरी नज़र से देखो ज़रा! किसी पुरुष की नज़र से देखो!" कहा मैंने, आँखों में आँखें डाल, शब्दों से ही छेड़ छाड़ कर रही थी! जानबूझकर नहीं समझ रही थी म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

अब शाम को मिलना था उनसे! और अब मुड़ा मैं उस उत्तमा की तरफ! उसको देखा! आँखों में मोटी मोटी बूंदें आंसुओं की! मैंने आंसू पोंछे उसके, अपने मफलर से!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"मानता हूँ, लेकिन ये नहीं कर सकता मैं" कहा मैंने, ऊपर देखा उन्होंने! मन ही मन गालियां दी उन्होंने मुझे! और मुंह में आये हुए शब्द, चबा गए! "आप क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

ये तो सम्भव था! लेकिन मैं काहे को कहूँगा कजरी से ऐसा? पता नहीं कभी फिर मिले भी या नहीं? "मैं ऐसा नहीं कर सकता" कह दिया मैंने, "प्रयास तो करो?"...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

"हाँ, रीझा हुआ है!" जवाब दिया मैंने बाबा भोला को! "कमाल है!" बोले वो! "हाँ! और अब तो बहुत लम्बा अरसा हो चला है!" कहा मैंने, "हाँ, बताया ऋषभ जी न...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ नेपाल की एक घटना

भी कमर से नीचे तक हैं, रूप-रंग भी अच्छा है, गौर-वर्ण है उसका, छौनी सरीखी आँखें हैं, नाक सुतवां है, गरदन भरी हुई और लम्बी है! और क्या चाहिए? सबकुछ तो ह...

2 years ago
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