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और तब बाबा हट गए वहां से, दूर जा बैठे, बस कौशुकि ही रह गयी वहाँ अकेली! "अब क्रिया आरम्भ की है!" कहा मैंने, "अच्छा !" बोले वो, और हम उठ खड़े हुए तब,...
मूर्खता ही लगी! "जब ऐसा हो, तो आप देख लेना!" बोली वो, अपने हाथ से अंगठी निकाल ली थी उसने, मेचनि-मुद्रिका थी, ज़हर-मोहरा जैसी! "जी!" कहा मैंने, और प...
चाहेगा? कुछ अंश ही मिल जाए तो, जीवन धन्य हो जाए! बाबा और श्रीचंद जुगत भिड़ा रहे थे, और मैं, उस विश्राम करती साध्वी को देख रहा था! और अचानक ही, उसकी...
और फिर चले श्रीचंद के साथ, गड्ढे पार कर, हम चलते रहे उसके पास, एक जगह, एक पेड़ों के झुण्ड के पास, एक गड्ढा मिला, पानी था उसमे, पत्ते पड़े थे, एक आद छि...
"तीस किलोमीटर? जंगल में?" पूछा मैंने हैरानी से, "सड़क से कोई तीन किलोमीटर अंदर" बोले वो, "अच्छा!" कहा मैंने, "दोपहर, भोजन करने के बाद निकल चलेंगे" बोल...
और जहां उतरे, तोस्थान ऐसा था जैसे आबादी अभी छोड़ भागी हो वहाँ से! न बत्ती, न कोई रौशनी! हम बस बाबा के पीछे पीछे चलते गए! लाये बाबा हमें एक स्थान पर, य...
"हम जा रहे हैं उधर, चाहता हूँ आप भी चलें" बोले वो, मेरा तो सौभाग्य था वो! दर्शन और वो भी एक दिव्य सर्प के! और क्या चाहिए! "बताएं?" बोले वो, "अवश्य!...
चारु की पढ़ाई दुबारा आरम्भ करायी गयी! बाबा काश्व नाथ जी के ही रिश्तेदारी में जान-पहचान के कारण, एक ग्रामोद्योग सहकारी संस्था में उसको नौकरी मिल गयी! आ...
राजसिक प्रवृति का है, स्वयं ही बहुतों के लिए पर्याप्त है! अलख, वहाँ, जो कि अब मंद पड़ चुकी थी, बिना ईंधन के, अब अंतिम साँसें ले रही थी! वहाँ, तेज बवंड...
लगाई देख! वे साध्वियां, अचेत पड़ी थीं! तावक नाथ, लेटा पड़ा था! वे चारों औघड़, दूर खड़े थे! "तावक?" चीखा मैं, देखा उसने सर उठाकर, "खण्डार! क्या हुआ??" ...
एक बात सच कहता हूँ मैं मित्रगण! मैं नहीं चाहता था कि उसका कोई अहित हो, या मृत्यु को प्राप्त हो, मैं उस से बार बार क्षमा मांगने को कहता था, लेकिन वो...
और लिया एक झोला! निकाले पीतल के तीन दीपक! मूर्ख कहीं का! "तावक!" कहा मैंने, नहीं सुना उसने, टालता रहा! "खण्डार!" बोला मैं, "हाँ! खण्डार! तेरी मौत!" बो...
वो अचानक से उठी, और फिर पीठ के बल, लेट गयी मेरे ऊपर, अब मेरी हालत हुई खराब, मंत्र पढ़ने में हुई दिक्कत मुझे नोंच रही थी हर जगह, काफी देर ये ये हंगामा ...
था! "लौहखंडा!" स्वर गूंजे कर्ण-पिशाचिनी के! लौहखंडा! पूर्वी भारत की महाशक्ति! नेपूरिका, त्वतमालिनि, अजरांशी नाम से जानी जाती है! देह में सुगठित, रू...
