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और फिर हम चले बाहर! दोपहर तो थी ही, लेकिन गर्मी नहीं थी, ये शुक्र था! हम फिर से वहीँ जाकर बैठ गए! और फिर से आराम किया, शर्मा जी कुछ पुस्तिका...
उसके क्षमा बोलने के अंदाज़ से ही मुझे ऐसा अजीब सा लगा था, जब देखा उसको तो समझ गया और हट गया, वो प्रणाम कहते हुए आगे चली गयी, मैंने भी प्रणाम का उ...
सो गए! सुबह हुई! हम नहाये धोये, और बैठ गए! चाय आने ही वाली थी, सो इंतज़ार करना था हमे! और फिर चाय भी आ गयी! हमने चाय पी और नाश्ता भी किया...
के लड़के भी आये और बड़े लड़के ने सुदीप ने ही दाह-संस्कार किया उसका, शूमी अब फिर से अकेली थी, लेकिन अब वो कैलाश की सारी संपत्ति की स्वामिनी अवश्य बन गयी थ...
करता था, उद्देश्य केवल ज़मीन का अधिकारी होना ही था, शूमी का पिता अधिक जीने वाला नहीं था, हद से हद मात्र एक साल! शूमी वापिस आई तो उसका पिता अब अपने घर म...
“आप यही बात मालूम कर लो कि वो भस्म कहाँ से लाया था वो, बस गुत्थी सुलझने लगेगी!” उन्होंने कहा, “ठीक है, मै आज फिर रवाना करता हूँ उसको!” मैंने कहा, ...
बिरजू ने ड्राईवर को बुलाया और फिर हम वापिस चल दिए वहाँ से, माओ समस्या से उन दिनों नेपाल ग्रस्त था, अतः हमको वहां से वापिस आना पड़ा, हाथ आया सूत्र हाथ स...
“अब एक की जांच तो हो गयी, गुरु जी, अब आप तनिक शूमी की जांच करो, कुछ अवश्य ही पता चलेगा” उन्होंने कहा, “शूमी का इतिहास जानना चाहते हैं ना आप?” मैंने ...
कोठरी का अर्थ हुआ मसान-मसानी के डेरे में पहुँच चुके हैं दोनों! ये तेरह और सत्ताईस दिनों में बनते हैं, यदि कोई सेडा मर्द का है तो उसको मसान-वीर के यहाँ...
मै वहाँ से उठा, दूसरा मुर्गा उठाया और बाड़े में छोड़ दिया, शर्मा जी के पास पहुंचा, और उनको इस जानकारी से अवगत करवाया, अब शर्मा जी ने अपनी मातहत उस नदी क...
बता रवाना कर दिया खोज करने! द्वाल ‘शूम’ की आवाज़ करता वहाँ से कूच कर गया! कोई दस मिनट के बाद द्वाल वापिस आया, उसके हाथ में एक मुट्ठी राख भी थी, मनुष्य-...
“शर्मा जी, आप भी, छोडिये ना, पुलिस कर लेगी सारा काम, हम कल जा रहे हैं यहाँ से” मैंने बताया, उसके बाद मेरी और उनकी काफी बातें हुईं इस विषय पर, उत्तर ...
“हाँ! उसकी आँखें खुली थीं” वो बोले, “तो?” मैंने कहा, “इसका मतलब ये कि उसने अपने कातिल को अवश्य देखा होगा” उन्होंने कहा, “हो सकता है, लेकिन लाश प...
