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उसने तभी फ़ोन मिलाया! फ़ोन मिलाया अपने गुरु गाज़ी बाबा को! काफी देर बातें हुईं उसकी उस से! उसने गाज़ी बाबा से रूचि के बारे में ही बात की थी! इसका अर्थ हुआ...
“हाँ हो भी सकता है, और अगर खबीस चिढ़ा तो समझो फेंट के रख देगा! ठीक है, जैसा आपने कहा वो ही ठीक है!” मैंने कहा, “उचित है गुरु जी! वे बोले! और फि...
भाई को धक्का दिया महाप्रेत ने! अब वो चिल्लाया! जब उनके माँ-बाप आये वहाँ तो महाप्रेत ने नीलू की माँ को गिरा दिया! वो मुंह के बल गिरी नीचे! सर में चोट त...
“अरे शर्मा जी! ये औघड़ आपके सिवा किसी से बात भी नहीं करता! न किसी के साथ आता, न जाता! अब छोडिये, सबसे पहले, आइये, योजना बनाएं!” मैंने कहा, “उचित है!”...
“हाँ! हाँ! सही कहा आपने!” वो बोलते हुए मुस्कुराए! “अब चारा फेंका जा चुका है! देखिये मछली कब फंसती है!” मैंने कहा, “अब तो फंस ही जायेगी मछली गुरु ज...
शर्मा जी ने तभी फ़ोन कर दिया, खबर मिली कि नीलू की कुछ तस्वीरें हैं घर पर, रूचि के साथ! बस!! ये काफी था! जो मै चाहता था वही हुआ था! ये पर्याप्त था! ...
हाँ!” मैंने कहा, “लेकिन गुरु जी वो कब आएगा?” उन्होंने सवाल किया, “मै बुलाऊंगा उसको!” मैंने कहा, “कैसे?” उन्होंने अचरज से पूछा, “मै उस पर वार क...
अब मै उठा वहाँ से! और फिर स्नानादि पश्चात मै सीधे ही सोने चला गया, थकावट हावी थी मुझ पर उस समय! खड़ा होना तक मुश्किल लग रहा था! मै प्रातःकाल उठा!नित्...
हम वहाँ पहुंचे, साफ़-सफाई करा दी गयी थी, अब रूचि ठीक थी, अपनी माँ के कमरे में सो रही थी, मैंने श्रीमती महाजन को वो कत्तर दी और कहा की ये कत्तर उसके कमर...
अभिमंत्रित किया और सातवीं को मैंने एक रक्षा-मंत्र से अभिमंत्रित किया, इसमें में करीब एक घंटा लग गया! मै सीधा शर्मा जी के पास आया, वो उठे और बोले, “ह...
“जाती हूँ! जाती हूँ, जा रही हूँ!” वो चिल्लाई अब! और ऐसा कहते हुए उसने लेटे लेटे अपना पेट ऊपर किया और फिर तेजी से नीचे कमर लगाई, उसने ऐसा कई बार किया...
“हाँ! मै!” मैंने कहा! “अच्छा! खेलना चाहता है तू मुझसे!” उसने कहा, “तू खेलेगी ही नहीं बल्कि नाचेगी भी अभी!” मैंने कहा, और फिर मैंने अपनी जेब से ए...
उसने गर्दन हिला के मना कर दिया! “ठीक है, अब देख तू!” मैंने कहा, उसने मेरी बात सुनकर सीधा पलंग पर छलांग लगाई! और आलती-पालती मार्के बैठ गयी! अब मैंन...
“रूचि?” मैंने फिर से आवाज़ दी, कोई आवाज़ ना आई और ना ही कोई हरक़त हुई! मैंने दरवाज़े को छुआ, और जैसे ही छुआ दरवाज़ा खुल गया अपने आप! अन्दर से मानव मल-म...
“आपका मतलब रूचि से है?” उन्होंने पूछा, “हाँ!” मैंने कहा, “देखते हैं, धौलिया क्या करता है?” वे बोले, “हाँ, अब कल ही पता चलेगा” मैंने कहा! फिर ह...
