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कुछ कहा, बिन्ना ने झोले से कुछ निकाला और बाबा को दिया, बाबा ने उसको हाथ में ही फोड़ा और उस जोड़े पर फेंक दिया!” वे बोले, “अच्छा!” मैंने कहा, “हाँ!” ...
उत्सुकता सर पर नाचने लगी! तांडव करने लगी थी! मेरे और शर्मा जी के सर पर चढ़कर! अब इंतज़ार करना था उनके भोजन समाप्त करने का! हम बैठे रहे, कहीं अवधेश...
“नागदौत से ऐसे विलक्षण सर्पों को पकड़ा जाता है!” मैंने कहा, “हाँ, सही कहा तुमने” वे बोले, तभी वहाँ एक और वृद्ध आ गया, वो भी बैठ गया, सर से अंगोछा ख...
अब मैंने मग से पानी पिया! कहानी रोचक हो चली थी! “अच्छा! गड्ढे से वो निकला, वो सुनहरा सर्प!” मैंने पानी पीकर और मुंह पोंछते हुए कहा! “हाँ, एकदम...
“अब बाबा ने हमको संग आने को कहा, हम फिर से ऊपर चढ़े, और गड्ढे को देखा, गड्ढा बंद था, बाबा ने हमको वहीँ रोका और साथ में बिन्ना को लिया..” वे बोले, तभी...
फिर?” मैंने पूछा, “फिर बाबा ने कहा कि वो आज ये काम नहीं करेंगे, वे कल सुबह ये काम करेंगे, और हम सब वहाँ से हट गए, बाबा आये ऊपर बिन्ना के साथ और फिर ...
“हाँ!” ये कहते हुए मुझे देखा उन्होंने! “तो बाबा ने संहार किया उन सर्पों का?” मैंने पूछा, “पता नहीं” वे बोले, “किया, यदि वे गड्ढों में जाते तो नह...
आखिर में मैंने ही पूछा, “फिर?” “वो जो नीचे भेजा गया था आदमी, वो भागता भागता आया वहाँ, और ऊपर से ही बोला कि वहाँ देखो, वहाँ सैंकड़ों गड्ढों से सांप बा...
“वो बड़े बड़े सांप वहाँ आये, और बाबा कैवट और बिन्ना को घेर के खड़े हो गए, कोई काटने के लिए फुफकारता तो कोई खड़ा हो जाता था मीटर भर तक, हम साँसें थामे सारा...
“ओह!” मेरे मुंह से बरबस निकल गया! “अब बाबा ने हमको वही रोक दिया और बिन्ना को साथ लिया, बिन्ना ने अपना झोला उठाया और वे दोनों फिर नीचे उतर गए, हमने उ...
और फिर पानी लेने बाहर चले! शर्मा जी ने रोक दिया! और खुद पानी लेने चले गये उनके लिए! पानी लाये, बाबा को दिया! बाबा ने पानी पिया ओख से! उन्ह...
“अगली सुबह हम उठे, और फिर वहाँ से आगे के लिए चले, गनीमत से वहाँ भी एक छोटा सा तालाब था, पक्षी बैठे हुए थे उसमे, हम नहाये धोये वहाँ! शरीर ताज़ा हो गया! ...
“हाँ, गहन जंगल था उस समय” वे बोले, “फिर बाबा?” मैंने पूछा, “अगली सुबह हम फिर चले वहाँ के लिए, कैवट बाबा ने हमको समझाया कि सभी साथ साथ रहें, इस से ...
बाबा ने तो जैसे मेरे सर में हथौड़ा बजा दिया था ये सब बताकर! अब मुझे और उत्कंठा हुई जानने के लिए! “बाबा? आपको कैसे पता चला उस नाग कुमार के बारे मे...
मुझे आश्चर्य हुआ! “नाग कुमार?” मैंने पूछा, “हाँ!” वे बोले, “पकड़ा आपने?” मैंने पूछा, वे चुप हुए! शायद उसी समय में खो गए! “क्या पकड़ा आपने?” ...
