श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

कभी अट्ठहास करता! तभी वो कांपती सी साध्वी, चिल्ला पड़ी! कानों पर हाथ रखे, जैसे फूंक मारती रही! कभी हाथ काटती अपना, कभी केश! कभी गौ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

सहसा! गौरांग खड़ा हुआ! और साध्वी से उतरा! और फिर एक मंत्र पढ़ा, साध्वी के सर पर हाथ रखा, लेटी साध्वी, खड़ी हो गयी! पर, वो काँप रह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

अब मैं बैठ गया इसमें, और किया घोर मंत्रोच्चार! देख लड़ी! वो जान गया मेरा क्या बचाव होगा! उसका चेहरा देखा! अवाक था वो! रंगत दाढ़ी समान ही ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

ये भी एक महाशक्ति की, प्रधान सहोदरी है! प्रबल तामसिक है! बहुत क्रूर है! रसातल में वास करती है! एक सौ तेईस दिनों की साधना है, चौंसठ ब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

अब समझ आया मुझे! धूमाक्षी! मदनी यक्षिणी की प्रधान सहोदरी! इस से भिड़ना, इतना सरल नहीं! प्राण कभी भी उड़ सकते हैं, देह से! एक वार और...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

और फिर महानाद किया उसने! और फिर सामने मदिरा उड़ेली, मिट्टी उठायी, मन्त्र पढ़ा, और अपनी एक साध्वी के वक्ष पर फेंक मारा! वो खड़ी हुई! चीख...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

वहाँ तो कोहराम सा मच गया था! सोनों औघड़, आकाश को देख रहे थे! जैसे कुछ उनके हाथों से, छूट, उड़ गया था आकाश में! भय मच गया! दोनों औघड़...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

वो तत्क्षण ही लोप हुई! और उस गौरांग के वर्चस्व से मुक्त! अब मैंने मंत्र पढ़े! मेरा तो उद्देश्य पूर्ण हो ही चुका था! मैं लेटा रहा और भोग अर्...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

मंत्र पढ़े जा रहा था, त्रिमुण्डिनी के! और जिस क्षण, अमुक्षा प्रकट हुई वहाँ, मेरे स्थान पर, व्योम फट सा पड़ा! और अट्ठहास लगाती हुई, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

फिर बैठ गया, भोग-थाल अपने घुटनों पर रख कर बैठ गया! और वहाँ! जैसे बिजली सी कड़की! पीले रंग की बिजली! और वे दोनों औघड़, लेट गए भूमि पर! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

तभी वो खड़ा हुआ! आकाश को देखा! "अमुक्षा! अमुक्षा!" वो चिल्लाया! राख बिखर पड़ी! तपती हुई राख! अन्धकार! घुप्प सा अन्धकार! और मेरे यहा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

तो सिद्ध, नहीं, तो फिर अन्धकार! साधक जीवन भर तक अँधा ही रहेगा, मात्र मृत्यु से तीन दिवस पहले ही, नेत्र-ज्योति खुलेगी! ये है कोप! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

त्रिशूल और एक में चामर-अस्त्र! अमोघ वार! और शत्रु-संहार! ये मुख्य रूप से, सूखी नदियों के समीप, किसी बरगद के वृक्ष के नीचे, चौंसठ दिव...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

यही किया होगा इस गौरांग ने, और आज, वो इसको भी आहूत करने पर तुला था! कहते हैं न, दम्भ में सब राख हो जाता है! यही होने वाला था! दम्भ! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१३ काशी के पास की एक घटना

अमुक्षा!" अच्छा! अमुक्षा! वाह! अज्रतारा की समकक्ष! अमुक्षा! एक महा-रौद्र शक्ति! इक्यावन बलि-भोग से सिद्ध होती है! महा-श्मशान इ...

2 years ago
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