श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Jul 5, 2026
Topics: 245 / Replies: 9255
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

नौ दिए! नौ थाल! एक पत्थर पर, एक शीला पर रखे तीन दिए! पूरब दिशा खुली हुई! ये स्थान था धमेक्ष का! धमेक्ष! महा-यक्ष! जो ध्यायेगा सो पायेगा!...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

हाँ, रंग नीला था, नेपाली औघड़ों जैसा! और मैं! मैं भी तैयार था! और! फिर बजे आठ! मैं पहुंचा सीधे क्रिया स्थल! पूरी तैयारी थी! नीले रंग ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"हाँ, जब मैं उनत्तीस की थी तब" उसने कहा, "ये ठीक है" मैंने कहा, "पर्णी, तुम्हारी आयु कितनी है?'' मैंने पूछा, "बत्तीस बरस" उसे कहा, "अच्छा" मैं...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"नहीं!" उसने कहा, "आज बड़ा बनाऊँ या कल जैसा?" उसने पूछा, "कल जैसा" मैंने कहा, "भाग तो नहीं जाओगे?" उसने सरलता से पूछा! "नहीं" मैंने कहा, असमं...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

खैर, आगे वो जाने! "मै चलूँगा अब" मैंने कहा, "नहीं, अभी नहीं" वो बोलो, "समझा करो" मैंने कहा, "नहीं न" उसने कहा, स्त्री सुलभ चरित्र वो! "मै ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"चौदह वर्ष में मिले हो आप" उसने कहा, "मै तैयार हूँ पर्णी, तुम्हे सिद्धि प्राप्त हो, इस से उत्तम क्या!" मैंने कहा, झूम उठी वो! अब मालूम नहीं! न...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"प्राण कौन ले जाता है?" मैंने पूछा, "यम से पहले पाप प्राण हारता है और यम को पकड़ाता है" उसने कहा, "सबसे मौखिक ज्ञान क्या?" मैंने पूछा, "पंचतत्व" ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"आरूढ़ कौन?" मैंने पूछा, "घमंड" उसने कहा, "तिरस्कृत कौन?" मैंने पूछा, "लोभ" उसने उत्तर दिया! "ऊंचा कौन?" मैंने पूछा, "लालच" उसने कहा, "छोटा...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"यौवन" उसने कहा, 'सबसे कृशकाय क्या?" मैंने पूछा, "सुख" उसने उत्तर दिया! "सर्वोचित क्या?" मैंने पूछा, "सत्य" उसने कहा, "सबसे भार-रहित क्या?" ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"रति का सुख क्या?" उसने पूछा, "साथ घाटियों घटियों में चौबीस फल हैं" मैंने कहा, "और सोलहवीं में क्या फल?" उसने पूछा, "सिद्धि दायक" मैंने कहा, म...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"धन शोषित या ऋण शोषित?" उसने प्रश्न किया! "धन" मैंने कहा, "बड़ा कौन?" उसने पूछा, "ऋण" मैंने कहा, "काम का प्रमुख सारथि कौन?" उसने पूछा, "मन" म...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"पुरुष के" मैंने कहा, "सभी पुरुषों के?" उसने प्रश्न किया, "नहीं" मैंने कहा, "फिर किसके पास?'' उसने पूछा, "काम के लिए रति आवश्यक है" मैंने कहा,...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

शाम करीब साढ़े साथ बजे हम निकल लिए मिर्ज़ापुर के लिए! कोई आधे घंटे का ही रास्ता होगा, हम पहुँच गए मिर्ज़ापुर, कारीब आठ सवा आठ बजे होंगे! मुझे सीधे ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

अब आग और आ गयी बीच में! "पर्णी, मैं तैयार नहीं हूँ" मैंने कहा, "कब होओगे?" उसने पूछा, "पता नहीं" मैंने कहा, वो खिलखिला कर हंसी! मैंने सिर्फ ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

उसने मुझे देखा और मैंने उसे! जैसे एक बार बचा हुआ चूहा फिर से आन पहुंचा हो उसी बिल्ली के सामने! ऐसा मैं! वो हंसी और मैं भी हंसा! मैंने खीझ मिटाई,...

2 years ago
Page 215 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top