श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

हाँ, रंग नीला था, नेपाली औघड़ों जैसा! और मैं! मैं भी तैयार था! और! फिर बजे आठ! मैं पहुंचा सीधे क्रिया स्थल! पूरी तैयारी थी! नीले रंग ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"हाँ, जब मैं उनत्तीस की थी तब" उसने कहा, "ये ठीक है" मैंने कहा, "पर्णी, तुम्हारी आयु कितनी है?'' मैंने पूछा, "बत्तीस बरस" उसे कहा, "अच्छा" मैं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"नहीं!" उसने कहा, "आज बड़ा बनाऊँ या कल जैसा?" उसने पूछा, "कल जैसा" मैंने कहा, "भाग तो नहीं जाओगे?" उसने सरलता से पूछा! "नहीं" मैंने कहा, असमं...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

खैर, आगे वो जाने! "मै चलूँगा अब" मैंने कहा, "नहीं, अभी नहीं" वो बोलो, "समझा करो" मैंने कहा, "नहीं न" उसने कहा, स्त्री सुलभ चरित्र वो! "मै ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"चौदह वर्ष में मिले हो आप" उसने कहा, "मै तैयार हूँ पर्णी, तुम्हे सिद्धि प्राप्त हो, इस से उत्तम क्या!" मैंने कहा, झूम उठी वो! अब मालूम नहीं! न...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"प्राण कौन ले जाता है?" मैंने पूछा, "यम से पहले पाप प्राण हारता है और यम को पकड़ाता है" उसने कहा, "सबसे मौखिक ज्ञान क्या?" मैंने पूछा, "पंचतत्व" ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"आरूढ़ कौन?" मैंने पूछा, "घमंड" उसने कहा, "तिरस्कृत कौन?" मैंने पूछा, "लोभ" उसने उत्तर दिया! "ऊंचा कौन?" मैंने पूछा, "लालच" उसने कहा, "छोटा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"यौवन" उसने कहा, 'सबसे कृशकाय क्या?" मैंने पूछा, "सुख" उसने उत्तर दिया! "सर्वोचित क्या?" मैंने पूछा, "सत्य" उसने कहा, "सबसे भार-रहित क्या?" ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"रति का सुख क्या?" उसने पूछा, "साथ घाटियों घटियों में चौबीस फल हैं" मैंने कहा, "और सोलहवीं में क्या फल?" उसने पूछा, "सिद्धि दायक" मैंने कहा, म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"धन शोषित या ऋण शोषित?" उसने प्रश्न किया! "धन" मैंने कहा, "बड़ा कौन?" उसने पूछा, "ऋण" मैंने कहा, "काम का प्रमुख सारथि कौन?" उसने पूछा, "मन" म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

"पुरुष के" मैंने कहा, "सभी पुरुषों के?" उसने प्रश्न किया, "नहीं" मैंने कहा, "फिर किसके पास?'' उसने पूछा, "काम के लिए रति आवश्यक है" मैंने कहा,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

शाम करीब साढ़े साथ बजे हम निकल लिए मिर्ज़ापुर के लिए! कोई आधे घंटे का ही रास्ता होगा, हम पहुँच गए मिर्ज़ापुर, कारीब आठ सवा आठ बजे होंगे! मुझे सीधे ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

अब आग और आ गयी बीच में! "पर्णी, मैं तैयार नहीं हूँ" मैंने कहा, "कब होओगे?" उसने पूछा, "पता नहीं" मैंने कहा, वो खिलखिला कर हंसी! मैंने सिर्फ ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

उसने मुझे देखा और मैंने उसे! जैसे एक बार बचा हुआ चूहा फिर से आन पहुंचा हो उसी बिल्ली के सामने! ऐसा मैं! वो हंसी और मैं भी हंसा! मैंने खीझ मिटाई,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

सोच लिया! हां! मैं भी समर्पण की मुद्रा में आ गया, उसके ऊपर आने की सोची, वो समझी, मुझे मौका मिला और मैं भाग खड़ा हुआ! नंगे पाँव! अपने कक्ष में जा ...

2 years ago
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