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दोनों लोप हुए और लोप हुई धेनुका भी! ये देख तोते उड़े भल्लराज के! जैसे किसी बालक से उसका खिलौना छीन लिया जाए! जैसे किसी भूखे व्यक्ति के हाथ से अन्...
वो चलते चलते काँप रही थी! आँखें भयानक उसकी! एकदम सफ़ेद! गाल अंदर धंसे हुए! वर्ण भयानक काला! रुक्ष केश, जटाएँ! अस्थि दंड लिए हवा में चल रही ...
महाप्रेत गायब! सभी भूत प्रेतों को काठ मारा और गायब! वहाँ! प्रकट हो गयी धेनुका! उसने नमन किया! सुनहरे वर्ण की धेनुका! सुनहरे केश! सुन्दर ...
औरतें चीखें! मर्द हँसे! वृद्ध सामने से गुजरें! कोई लोट-पोट होवे! कोई सीधा ही उठ जाए, उड़ जाए! कोई पेड़ पर चढ़े, छलांग लगाए! कोई छलांग मारे ...
खड़ी हुई और तीव्र नृत्य किया! औघड़ भी शामिल हुआ! "ले भोग ले तोमिता!" औघड़ ने कपाल-कटोरे में घाल कर शराब दे दी! सारी एक बार में डकोस गयी! एक एक ...
"जाग!" "जाग तोमिता!" जाग!" वो चिल्लाता! वहाँ तोमिता नागिन की भांति अकड़ती और फुफकारती! कभी अश्व-मुद्रा में चलती और कभी खड़ी हो जाती! शरीर धूल-धसरि...
मैंने मंत्रोच्चार गहन किया! अन जैसे समय रुका! चमगादड़ जैसे भाषा समझने लगे! उल्लू क्षण-प्रतिक्षण भविष्य का कयास लगाने लगे! अब मैंने नेत्र बंद कर...
मेढ़े की गरदन ज़मीन पर गिरी और बिलबिलाता धड़ पकड़ लिया गया भल्लराज ने, खून का फव्वारा छूटा और एक पात्र में रक्त ले लिया गया मेढ़े का! मंत्र पढ़ते हुए! हा!...
भेदिका का आह्वान चल रहा था! अब मैंने इस संग्राम को और गहन किया, मैंने यमरूढ़ा का आह्वान किया! यमरूढ़ा अत्यंत प्रबल महाशक्ति है, स्पर्श मात्र से ही प्राण...
स्त्री के केश रखे! एक कंघा, बिंदी और परांदा रखा! और हूम हूम की ध्वनि से उसने वहाँ कुंडा चुड़ैल प्रकट कर दी! भयानक रूप उसका! विशाल काया! पांवो...
थू! थूक फेंका उसने! मैंने तभी रिपुलाक्ष-मंत्र पढ़ा कर वहाँ पत्थरों की और राख की बारिश कर दी! उसने फ़ौरन ही उसकी काट कर दी और मुझे अपशब्द निकाले! मैं...
समस्त भूत-प्रेत अपनी चाल भूल गए! अब भस्म-स्नान किया! ये औघड़ तैयार था! घंटा भर लग गया इसी काम में! वहाँ! पर्णी तैयार और भल्लराज भी तैयार! ज...
"कोई बात नहीं" मैंने कहा, मैं तो भरा बैठा था! लेकिन हां! अभी तक मैं कड़वा नहीं था उस पर्णी के लिए! अबोध पर्णी! भड़का दिया गया था उसको! भल्लर...
तेरे भी दिन आ गए! पर्णी का जो हो सो हो लेकिन तेरे दिन आ गए! मुझे चुनौती दे डाली! अब भुगत! भुगत अब अपने कर्मों का हिसाब! औघड़ होना इतना आसान न...
चूम लिया मेरा माथा उन्होंने! मैं धन्य हुआ! कोई भी बुज़ुर्ग ऐसा करे तो समझो समस्त पुण्य आपको दान कर दिए उसने! इसे कहते हैं दान! तो, तय हो गया! ...
