श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

"क्या है?" मैंने पूछा, "आप स्वयं देख लीजिये" वे बोले, अब हम भी नीचे भागे! कमरे में घुसे उनके बेटे के, सामने ही बिस्तर था, वहाँ सिरहाने पर बबूल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

और फिर रात हुई, खाना आदि खा लिया, सभी को ऊपर आने से मना कर दिया मैंने, शर्मा जी को भी बाहर भेज दिया, मैं अब अपने कारिंदे को हाज़िर करना चाहता था, मैंने...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

अब हमे महेंद्र साहब ऊपर की मंजिल पर ले गए, वहीँ था हमारे ठहरने का इंतज़ाम, कमरा, वहीँ बैठ गये हम, थकान मिटाने के लिए, अपने अपने जूते खोल लेट गए बिस्तर ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

अगले दिन मैं शर्मा जी के साथ अपने स्थान पर पहुंचा, वहाँ पर अपना साजो-सामान एकत्रित किया और एक बैग में डाल लिया, उस रात हम वहीँ ठहरे, कल सुबह तड़के ही ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

"कोई क्रिया तो नहीं करवा रहा?" उन्होंने संशय जताया, "ऐसा भी नहीं लगता" मैंने कहा, "वो कैसे?" उन्होंने पूछा, "किसी का कोई अहित नहीं हुआ अभी तक, इ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

"हाँ जी, वैसे तो ठीक है, लेकिन पत्नी ने बताया कि जब वो अभी बाथरूम में गयीं तो वहाँ एक सांप बैठा हुआ था, कुंडली मारे, काला नाग, कुछ लोग बुलाये हैं उन्ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

"नहीं जी, बस इतना बोले कि पितृ-दोष है, हमने शांति भी करवा दी, लेकिन सिलसिला नहीं रुका" वे बोले, "अच्छा, और दूसरा कौन आया था?" मैंने पूछा, "जी वो अ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

फिर से बना हुआ पैग खींचा हमने, "क्या घर में कोई डरा या चुंका हो, ऐसा कुछ हुआ?" मैंने पूछा, "नहीं जी, ऐसा कभी नहीं हुआ" वे बोले, "कभी किसी को कुछ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ जिला जयपुर की एक घटना

"जी वो अभी पढ़ रहा है, आखिरी वर्ष है उसका" वे बोले, 'अच्छा" मैंने कहा, और फिर हमने एक एक पैग खींचा, "सबसे पहली बार क्या हुआ था?" मैंने पूछा, "ज...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

ये ऐसा मोम है जो स्व्यं कभी नहीं पिघलता, हाँ अंदर ही अंदर जलाता रहता है और अंत में चिता में ही दम तोड़ता है! यही सीख है मेरे पूज्नीय दादा श्री की! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

आपस में मौन वार्तालाप हो गया! बस इतना ही कहा मैंने उसे, "पर्णी, प्रयास करना कि भविष्य में मेरे समक्ष न कभी आओ, न ही समीप, उस दिन मैं तुम्हारा भी वही...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

सो प्राण नहीं लिए, नहीं तो टुकड़ों में विभक्त हो गया होता वो! और सुबह तक, मात्र अस्थियां ही शेष बचतीं! मैं लेट गया! विजय-मद चढ़ गया! आँख लग गयी!...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

और मूर्छित! बस! अब बस! मैंने विनती की! गण-भार्या के वीर शांत हुए और फिर लोप! गण-भार्या मेरे यहाँ क्षण में प्रकट हुई, मैं मुंह भूमि में दबाये...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ मिर्ज़ापुर की एक घटना

भल्लराज यदि विनती करता तो बच सकता था, परन्तु जब मृत्यु सम्मुख हो तो मस्तिष्क भटक जाता है और मृत्यु के और करीब ले आता है! यही हाल भल्लराज का! चिल्ल...

2 years ago
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