श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Feb 5, 2026
Topics: 245 / Replies: 9249
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

किया, उन्होंने मुझे वहाँ से करीब चार किलोमीटर पश्चिम में जाने को कहा, वहाँ मुझे एक व्यक्ति सुनील से मिलने को कहा गया था, उन्होंने सुनील का नंबर हमे दे...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

“ठीक है” वो बोला, फिर हमने खाना खाया और अपना अपना सौदा निबटा दिया! अब वापिस जाने के लिए समय नहीं था, सो वहीँ रुकने का निर्णय लिया, सो रुक गए! अगली...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

“ये है रानी!” केशू ने शराब परोसने वाली लड़की का नाम बताया! खूबसूरत लड़की थी रानी! “और ये है पारुल!” उसने दूसरी लड़की के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, व...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

रखा वहाँ! और फिर उसने अपने सामान से एक बोतल निकाल ली! और फिर हमारे गिलास में परोस दी! “लो जी!” वो बोला, “अलख निरंजन!” कहते हुए दारु पर एहसान क...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

“हाँ ये तो है” उसने कहा, “क्या लोगे? ठंडा या महाठंडा?” उसने पूछा, महाठंडा मतलब बियर! “अरे ठंडा ही ठीक है, वो बाद में देखेंगे!” मैंने कहा, उसने...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

सहायक आया और चाय नाश्ता दे गया, दूध और कुछ बर्फियां लाया था, हमने ओढ़ के साथ वही दबा लीं! मजा आ गया! “ये दंड का क्या चक्कर है?” उन्होंने पूछा, “है ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

मैं वहाँ से शर्मा जी के साथ वापिस आ गया नाथू बाबा के यहाँ, रात में डेरा कभी नहीं सोता, जागता ही मिलता है, हाँ जिसे सोना हो वो सो सकता है, मैं आज सुबह ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

“बाबा रोमण? ये कौन हैं या थे?” मैंने पूछा, “किसी समय यही कोई सवा सौ साल पहले वहाँ उन्होंने ये अस्थिदंड गाड़ा था, और बीजक जड़ दिया था, मेरा एक जानकार व...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० धौलपुर, राजस्थान की एक घटना!

“कब आये दिल्ली से?” बाबा ने पूछा, “आज सुबह ही आया, नाथू बाबा के यहाँ ठहरा हूँ, कुछ सामान था उसका, वो लाया था” मैंने कहा, “अच्छा” वे बोले, “आप कै...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

मित्रो! एक अनुचित निर्णय से सम्पूर्ण जीवन तबाह हो सकता है, ये इसीका उदाहरण है! आखिर क्या मिला उज्जवल को? दरअसल उज्जवल प्यार का अर्थ समझ ही न सका! जीवन...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“अब खड़ा हो यहाँ से माँ के ** इस से पहले कि तेरी छाती फट जाए, जा! जाके इलाज करा अपना!” शर्मा जी ने उसको उठा कर बाहर की तरफ धक्का देते हुए कहा! वो बाह...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“माफ़ कर दो गुरुवार, अब न होगा ऐसा, मै भटक गया था, लालच आ गया था मुझे” उसने अब रोते हुए कहा! “बहन के ** माफ़ी मांग जाके उस लड़के सुभाष से, हमसे क्या फा...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“हाँ, याद है” उसने बताया, “किसलिए आया था वो तेरे पास?” शर्मा जी ने पूछा, “एक प्रयोग करवाने आया था” उसने साफ़ साफ़ कहा, “कैसा प्रयोग?” शर्मा जी ने ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

“अबे सुन माँ के ** बाबा अमली तेरी माँ की ** बहन के ** तू क्या समझता है? हम तेरे मुरीद हैं?” शर्मा जी ने कहा और एक ज़ोरदार झापड़ रसीद किया अमली को! अमल...

1 year ago
Page 20 / 633
error: Content is protected !!
Scroll to Top