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"नहीं" मैंने उत्तर दिया, "तो ये सब?" उन्होंने कहा, "वास्तविक" मैंने कहा, "कैसे सम्भव है?'' उन्होंने पूछा, "कोई कुछ कहना चाहता है" मैंने कहा, ...
मैं आगे बढ़ा, शर्मा जी के साथ! फिर अचानक से रुका! सामने कोई अस्सी फीट पर कुछ कन्याएं खड़ी दिखीं! चेहरे किसी के नहीं दिख रहे थे, बस काले वस्त्र! उनके...
वहाँ कटे हुए नरमुंड पड़े थे! असंख्य नरमुंड! कटे हाथ-पाँव! भयानक दृश्य! और वहाँ उस नाली में भयंकर सांप! काले, मटमैले, भूरे, दुरंगे आदि! सब के सब मृत्यु ...
"चलिए" वे बोले, अब साहब, हमने अपने जूते उतार, जुराब उतार उनमे खोंसे, पैंट ऊपर तक मोडीं, और तैयार हुए, नीचे जाने को. मैंने कलुष मंत्र वापिस क...
"चलिए" वे बोले. अब हम आ गए एक पक्की ज़मीन पर! अब मैंने यहाँ कलुष-मंत्र चलाया! अपने एवं शर्मा जी के नेत्र पोषित किये मैंने! और jab आँखें खोलीं तो दृ...
वे आ गए, "चलो" मैंने कहा, "चलिए" वे बोले और चले मेरे पीछे, हमने एक पगडण्डी पकड़ी, और बचते बचाते चल पड़े, वहाँ कुछ नीम के पेड़ खड़े थे, एक आद शीशम भी...
और जैसा शुबहा था वही हुआ, बारिश आखिर नहीं बंद हुई! मन मसोसते हुए बस प्रार्थना करते रहे कि बारिश बंद हो तो हम आगे बढ़ें! उस दिन अनवरत बारिश हुई, रात क...
चाचा उठे! सनसनी फैलायी! और चले गए! "शर्मा जी?" मैंने कहा, वो अवाक! शायद उनकी कल्पना का घरौंदा अभी सुरक्षित था! "शर्मा जी?" मैंने फिर से कह...
"समय गुजरा, लड़का बड़ा हुआ, एक नाग कन्या रीझि उस पर, अपने साथ चलने को कहा, लड़के ने मना कर दिया, वो अपने बूढ़े माँ-बाप को छोड़ने को तैयार नहीं था" वे बोले,...
"नहीं जी, खेत में गुड़ की इक्कीस भेलियां गड़वायीं थीं उन्होंने" चाचा बोले, भेलियां? गुड़ की? सांप की हत्या?? कोई श्राप? रहस्य की माला अब फंदा बनी...
"क्या?" मैंने पूछा, "किसी महिला और बालक-बालिकाओं को नहीं दिखा वहाँ कुछ भी, आज तक" वे बोले, एक और रहस्य! एक और रहस्य की माला मैंने धारण की! अब ये...
अब जिज्ञासा रुपी सांप मन में कुंडली खोलने को आमादा था, लग रहा था कोई बहुत बड़ा रहस्य है वहाँ, लेकिन यहाँ तो वर्षा ऐसी थी कि बाहर जाते आदमी को ज़मीन में ...
"किसको?" मैंने पूछा, "एक सपेरा आया था, उसको" वे बोले, "क्या बोला वो?" मैंने पूछा, वो गया, सांप देखे, एक एक सांप पकड़ने के पांच सौ रुपये मांगे, बा...
लड़का बता रहा है कि कल तो खेत में घुसने ही नहीं दिया किसी को" बिरजू ने चुस्की भरते हुए कहा चाय की! "अच्छा!" मैं रोमांचित सा हुआ! लड़का वहीँ खड़ा था! ...
