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उसका कोई पता नहीं था, तब मेरे एक भतीजे को मीतू आती दिखायी दी, उसके हाथ में फिर से एक पोटली थी" वे बोले, "फिर से?" मैंने पूछा, "हाँ जी, वो चुपचाप, ...
"गुरु जी, गाँव में एक ओझा रहता है, बदरी, वो झाड़-फूंक किया करता है, हम उसके पास गए और उसको सारी बात बताई, उसने इलाज करने के लिए हाँ कह दी, और फिर वो अग...
उत्तर नहीं दिया, हाँ, उसकी चुन्नी में एक पोटली से बंधी थी, वो उसको ही संभालकर ला रही थी!" वे बोले, "पोटली? कैसी पोटली?" मैंने पूछा, हैरत हुई मुझे ...
उठाया और खा लिया, उन्होंने भी आनंद लिया उसका! शर्मा जी ने फिर से एक और पैग बना दिया! हमने वो भी खाली कर दिया! और फिर और बातें शुरू हो गयीं! "अच्...
"कैसी थीं आवाज़ें?" मैंने पूछा, "जैसे दो आदमी कमरे में बैठे हों, और उनमे से एक बार बार दुसरे को समझा रहा हो और फिर ज़ोर से शश! चुप रहने को कह रहा हो!"...
"गुरु जी, मेरे घर में दो बड़ी बेटियां हैं और एक बेटा, सबसे बड़ी बेटी का ब्याह हो चुका है, छोटी का ब्याह करते लेकिन हम बहुत परेशान हैं" वे बोले, "कैसे?...
वहाँ से जाने से पहले जीवेश ने माता जी को अपना पता और फ़ोन नंबर दे दिया कि कभी भी कोई भी दिक्कत-परेशानी हो तो उनका उसके बसेरे पर स्वागत है! माता जी के ल...
गाड़ी उसके घर से पहले ही लगायी, आगे जगह नहीं थी, पूनम छटपटाई! जीवेश ने दरवाज़ा खोल दिया और पूनम सीधा जा भागी अपने घर! हम वहीँ बैठे रह गए! मैं नहीं चाहता...
"चलते हैं आज, दोपहर बाद की गाड़ी है" वो बोला, "ठीक है" मैंने कहा, मित्रगण! उसके बाद हम बाबा शिब्बू से मिलने गए, अब बस कुछ ही देर में यहाँ से निकल...
गोरखपुर से शुरू हुआ सफर यहाँ कोलकाता में सफलता के साथ अंत हुआ था! सबसे बड़ी बात, लड़की मिल गयी थी! बस मेहनत की ज़रुरत थी! उन माँ-बाप के पास न धन था और न ...
हम उसको बेचारी लड़की पूनम को लेकर बाबा शिब्बू के डेरे पर आ गए! जीवेश ने उसको अपना कक्ष दे दिया और पूनम को उसमे ठहरा दिया, अब हम सभी बाबा शिब्बू के पास ...
"सही किया! ये साले पाँव छुआने लायक़ भी नहीं!" शर्मा जी ने गुस्से से कहा, "आशीष, इसको ले जाओ गाड़ी में" शर्मा जी ने कहा, आशीष ने उसको बुलाया और बाहर ...
वो बेचारी बैठी रही आँखें फाड़े हमको देखती रही! "आजा बेटी! तेरे घर से आये हैं, तुझे लिवाने, तेरे गाँव ले जाने! तेरे माँ-बाप और तेरा भाई बहुत दुखी हैं,...
"जल्दी खड़ा होजा!" जीवेश ने फिर से कहा, अब उसने लड़खड़ाते हुए खड़े होने की कोशिश की, उसने सहारा माँगा, तो मैं भी हट गया और जीवेश भी! "ओये, कल्लू बाबा,...
