श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Apr 20, 2026
Topics: 245 / Replies: 9254
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

और सो गए! कोई और काम था नहीं, खाओ, पियो और सो जाओ! बस! चार बजे करीब चाय की हुड़क लगी! हम चले चाय पीने! वहाँ गए तो चाय ले ली! सामने देखा त...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

दायें-बाएं देखा तो कोई नहीं था, सामने भी कोई नहीं, मैंने फिर अपने सर के पीछे देखा, कुछ नव-यौवनाएं जा रही थीं! क्या उन्होंने मारा? नहीं! वो...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

"देख के तो चला करो?" वो बोली, ''अचानक से सामने आ गयी ये" मैंने कहा, "हूँ?" उसने बोला ऐसे, और मैं आगे चल पड़ा, "बताओ जी, देखके खुद नहीं चलते और ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

जाते ही बिस्तर पर गिरे और सो गए! जब आँख खुली तो तीन घंटे बीत चुके थे! मैंने शर्मा जी को जगाया, वे जागे, "आओ, चाय पीने चलते हैं" मैंने कहा, "...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

लेकिन वे पच्चीस लोग, माई और वो सूबेदार! आज भी वहीँ हैं! अपने दुःख को महफ़िल की आड़ में दबाये हुए! दुःख तो होता है लेकिन किया कुछ नहीं जा सकता! खैर, ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

हम जाने लगे, वे सभी वहाँ खड़े थे, हमको देखते हुए, हंसते हुए! माई ने भी देखा हमको! हम वहाँ से नीछे उतरने लगे, और तभी, तभी अँधेरे की गिरफ्त में आ गयी वो ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

"मेरी बेटी को देना" उसने कहा, पोटली मैंने हाथ में ली, काफी भारी थी, पता नहीं चला क्या था उसमे! "हमारा पता आपको मालूम है..........." सूबेदार ने कहा...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

"वो मीना? उसका क्या हुआ?" अब जैसे मैंने दुखती रग पर हाथ रख दिया उनके! "वो कभी नही मिली हमको" अब माई ने कहा, "समझ गया मैं" मैंने कहा, "माई, मीत...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

उसको खाना दिया था, उसको मीना चाहिए थी, तभी मीतू किसी की बेटी बनी थी और किसी की बहन! "अब आप समझ सकते हैं" सूबेदार ने कहा, "हाँ मैं समझ सकता हूँ" मै...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

"बहादुर की सेना?" मैंने पूछा, "हाँ, वही सेना'' वो बोला, कौन बहादुर? किसकी सेना? मुझे कुछ समझ नहीं आया! होगा कोई न कोई ये बहादुर भी! "क्या ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

"आइये मेरे साथ" उसने कहा, हम उठ खड़े हुए, उसने पीछे चले! वो हमको चौक के सामने से लेकर पीछे की तरफ ले गया, वहीँ! वहीं जहां वो जला हुआ कमरा था!...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

"आइये!" वो बोला, हम एक कमरे के सामने थे! वो कमरे में घुसा! हम भी घुसे! "बैठिए" उसने कहा, शानदार कमरा! हथियारों से सुसज्जित कमरा! हम बैठ गय...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

हमारे साथ! कितना वक़्त बीत गया था! लेकिन इस सूबेदार की महफ़िल आज भी जवान थी! आज भी अपने नाच-गाने से सज रही थी! और इसमें शरीक़ थे हम! नाच-गान ज़ोर से...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला अलवर की एक घटना

सूबेदार मुस्कुराया! उसने फिर एक नाम लिया, ये नाम था नारो, नारो या अनारो, था यही नाम! एक बांदी आयी, चुपचाप, हाथ में एक छोटा सा भांड लिए, उसने दो प्या...

2 years ago
Page 166 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top