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नहीं पता चलना चाहिए अनुष्का को! "ठीक है, बाहर बुला लेता हूँ" मैंने कहा, "यहाँ बुला लो" उसने कहा, "मेरे लिए हरिद्वार घर जैसा है, मैंने बताया था न...
फिर से हंसी! वो हंसती थी तो जैसे मेरे अंदर कोई रिक्त-स्थान भर जाता था! सच में! "आज जाऊँगा मिलने किशन से" मैंने कहा, वो घबरायी! आँखें फ़ैल गयी...
पहुंचा वहाँ! और लेट गया! मन नहीं था कुछ बात करने का, सो गया! दो घंटे सोया, तो भोजन करना था, मैं गया भोजन का प्रबंध करने, अपने लिए, शर्मा जी के...
मानस हूँ! बहुत कमज़ोर हूँ! किसी तरह से सम्भालता हूँ मैं! कैसे? ये तो मैं ही जानूं! उसके कैसे बताऊँ? कैसा होता है ऐसा अंतर्द्वंद? कैसी होती है ऐसी कमज़...
"ये वही लड़की है, जिसने वो फल मारे थे फेंक कर?" मैंने पूछा, वो मुस्कुरायी! "देखो! कितनी अच्छी लगती हो मुस्कुराते हुए तुम!" मैंने कहा, फिर से हलकी...
तभी उसके आंसुओं से मेरी कमीज़ गीली हुई, मैंने देखा, वो रो रही थी, मैंने उठाया चेहरा उसका! आँखों में लबालब आंसू! मैंने आंसू पोंछे उसके! आँखो...
लिपट गयी मुझसे! ये क्या? मैं सहम गया, डर गया, चौंक पड़ा, किंकर्तव्यविमूढ़ सादृश! मैंने हटाने की कोशिश की उसे, नहीं हटी! वृक्ष पर लिपटी श...
इस से सटीक कोई उत्तर नहीं था मेरे पास! आँखें नीचे कर लीं उसने! मैंने भी नहीं देखा, सामने दीवार पर लटके चित्र को देखा, पानी भरते औरतें! और सर पर ...
"हाँ, सच कहो" उसने कहा, "मुझे लगाव हो गया है तुमसे, पता नहीं कैसे? मैं चाहता हूँ मेरी नज़रों में रहो तुम, जब तक तुम खुद क़ाबिल नहीं हो जातीं" मैंने कह...
"आज मैं जांचूंगा कि क्या हो रहा है उधर" मैंने कहा, "ठीक है" उसने कहा, "कुछ खाना-पीना है क्या?" मैंने पूछा, "अभी भूख नहीं है" उसने कहा, "लगे तो...
और मैं फिर अपने कमरे में आ गया, लेटा, थोड़ा आराम किया! फिर चाय मंगवा ली, और हम चाय पीने लगे! उसके बाद मैं पहुंचा अपने जानकार के पास! उनसे मिल...
अब मैंने उसको धीरे से लिटाया अपनी सीट पर! और खड़ा हो गया! उसके चेहरे से उसके केश हटाये, वो गहरी नींद सो चुकी थी! फिर चादर से ढक दिया उसको! और खुद उ...
मैंने पानी दिया उसको, उसने पिया और बोतल मुझे दी, मैंने रख दी, उठी, और मेरे पास बैठ गयी! खिड़की से आती हैलोजन का प्रकाश आता तो उसकी आँखें चमक पड़...
बज गए साढ़े ग्यारह! शर्मा जी सो गए, जागे रहे मैं और वो! "सो जाओ अब" मैंने कहा, उसने करवट ली और सोने का प्रयास करने लगी! मैंने भी आँखें बंद कर...
उसने गाली देकर बताया कि बाबा बिंदेश्वर बोल रहा है! अब तो शर्मा जी ने उसको भारतीय उपमहाद्वीप में बोली जाने वाली सारी गालियों का हार चढ़ा दिया अनुभव ...
