श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१२ नॉएडा के एक घटना

"मैं कोशिश कर रहा हूँ" मैंने कहा, "आप बचाइये मेरी बेटी को, हमें और हमारे परिवार को!" ये कहते हुए मेरे पाँव पड़ने लगे वो, मैंने उठाया उनको! "चिंता न...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ नॉएडा के एक घटना

मैं एक कुर्सी पर बैठ गया और हाथ से एक कागज़ में आमद-बंद के रुक्के लिखने लगा, लिखने के बाद मैंने उस कमरे में वो सभी रुक्के दीवारों पर चस्पा करवा दिए! अब...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ नॉएडा के एक घटना

वो लोप हो गया था! ये मेरा वहम था, और ये मैं जानता भी था, जिन्न बेहद कारगुज़ार होते हैं, आपके दिमाग को पढ़ते हैं और आपके कुछ करने से पहले ही उसकी काट कर ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ नॉएडा के एक घटना

"आप न मानिये, वो कौवा इसमे खुश है न?" उसने कहा, "और तुम अपनी ख़ुशी के लिए इसकी जान लोगे, एक मासूम आदमजात की?" मैंने पूछा, "कैसी जान, मेरे होते हुए ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ नॉएडा के एक घटना

"क़ैद हो जाओगे! मजूरी करोगे!" मैंने कहा, "मेरी मुहब्ब्त के खातिर? मैं तैयार हूँ" उसने कहा, "इतनी पाक मुहब्ब्त?" मैंने कहा, "हाँ, ये मेरी मुहब्बत ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ नॉएडा के एक घटना

"क्यूँ सता रहे हो इस लड़की को?" मैंने पूछा, "ये मेरी मेहबूबा है, सता तो आप रहे हैं इसको परेशान कर के" गर्व से उत्तर दिया उसने! "मेहबूबा?" मैंने आश्...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ नॉएडा के एक घटना

नहीं मानी वो! "इसको उठाओ" मैंने कहा, उसके दोनों भाइयों ने उठाया तो उसने संघर्ष किया! "भैय्या नहीं, नहीं" वो रोये! "उठाओ?" मैंने कहा, "नहीं भ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ नॉएडा के एक घटना

वो और तेज रोई! सभी ने समझाया उसको, नहीं मानी! "जब तक बात नहीं कर लूँगा नहीं जाऊँगा" मैंने भी कहा, और तेज रोई! तभी हवा में एक तेज सुगंध आयी! बे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

मिलना मेरी विवशता है! मैं जाता हूँ उसके आवास पर मिलने उस से! वो अनुष्का जो मुझे कोलकाता में मिली थी, और ये अनुष्का मेरे लिए बहुत मायने रखती है! उस...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

सीधे अपने स्थान गए! शर्मा जी भी साथ ही थे! अब वहाँ पहुँच गए थे! शर्मा जी ने विदा ली और चले गए घर अपने! रह गये मैं और अनुष्का वहाँ! "ये मेरा ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

मित्रगण! उस दिन कुछ नहीं हुआ! न कुछ देख और न ही कुछ पकड़! सब सही था! फिर हुई रात! रात को भी कुछ नहीं! सब सही था! वहाँ से कोई प्रतिक्रिया ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

ऊपर देखा! नज़रें मिलीं! "जाने दो!" मैंने कहा, शर्म! अब हाथ लिया उसका मैंने अपने हाथ में! पतली पतली उंगलियां! और ठंडा हाथ! "अनुष्का?" मैंन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

दरवाज़ा खुला! मैं अंदर गया! बैठ गया! "चाय पियोगी?" मैंने पूछा, "अभी नहीं" उसने कहा, नज़रें नहीं मिलाईं! शायद रात की बात याद थी उसको! "अनुष...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ कोलकाता की एक घटना

क्यों? ऐसे विचारों में में खो गया! कमरे में पहुंचा, शर्मा जी सो चुके थे! मैं भी लेटा, तभी फ़ोन बजा! अनुष्का! मैंने नहीं उठाया! कट गया! ...

2 years ago
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