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"जी मैं फिर वहाँ से वापिस चल दिया, मैंने सोचा होगा कोई कुछ बेचने वाला, और मैं चल पड़ा वापिस, अभी आधे रास्ते में ही था मैं, कि मैंने पीछे देखा, वो वहाँ ...
मुझे कुत्तों के भौंकने की आवाज़ आयी, मैंने सोचा कोई जानवर होगा और ध्यान नहीं दिया, लेकिन फिर शोर बढ़ता चला गया, मैं उठकर बाहर आया, बाहर आसपास देखा तो को...
उनकी बेटी पानी ले आयी थी, हमने पानी पिया, "ये मेरी छोटी बेटी है नुपुर, अभी इसने स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की है" वे बोले, "बहुत बढ़िया!" मैंने कहा...
अपने दोनों हाथों से वो रेखा मैंने मिटा दी! और चल पड़ा वापिस! मन भारी नहीं था! बहुत भारी था! कर्तव्यपरायणता से! मैं आ गया वापिस! सभी को बता ...
वो मिलना चाहती थी बरहु और अपने बालकों से! जिन्हे बिछड़े हुए भी डेढ़ सौ वर्ष हो चले थे! वो उनसे मिली या नहीं? पता नहीं! क्या बरहु और उसके बालक भी उ...
मनों बोझ जो मेरे ऊपर रखा था इतने दिनों से! अब मैंने अपनी ज़ेब से कुछ सामान निकाला! उसको सजाया और फिर मुक्ति-मंत्र से अभिमंत्रित कर दिया! एक रेखा अभ...
क्या बाँध दूँ! बरहु कहीं नहीं है, न ही उसके बालक! कैसे समझाऊं? परन्तु, समझाना तो है ही! बताना भी है! तो मैंने अपने आपको संयत किया! शब्द ...
वो पीछे पलट गयी! "कैला?" मैंने पुकारा, वो रुक गयी! "मुझे पता है बरहु कहाँ है!" मैंने कहा, जैसे उसको विश्वास नहीं हुआ! "कहाँ हैं वो, मुझे बता...
मैं और आगे चल, यहाँ भी कोई नहीं! फिर टीले तक! वहाँ भी कोई नहीं! अब कुछ करना था! मैंने अब कलुष-मंत्र पढ़ा! मंत्र जागृत हुआ और मैंने नेत्र पोषि...
बैठे! मैं खोया हुआ था, नहीं खोया हुआ नहीं कहूंगा, बल्कि, लालायित था कैला से मिलने के लिए! हाँ, ये शब्द ठीक हैं! खाना खा लिया, चाय भी पी ...
रियासत का था और इसी इलाके को लेकर सीमा विवाद था! इस टुकड़ी को जब खबर मिली तब कुछ सिपाही दौड़े झाँसी को खबर करने के लिए, और जो शेष रह गए वो लगे अब छिपने-...
इसीलिए रोते नहीं बन रहा था! नहीं! कैला को मुक्त करना होगा! हर हाल में! इन्ही ख्यालों में हम राते बेटे पहुँच गए मलंग नाथ के अड्डे पर! अब वहाँ...
हम चल पड़े पैदल पैदल! मेरे मन में अभी भी कैला ही छाये हुए थी, एक अभागन! ऐसा हाल मेरा कि बस रोते नहीं बन रहा था! सोचो न? एक औघड़ का क्या काम रो...
मैं वहाँ बैठ गया, ध्यान केंद्रित किया, सामग्री आदि सजा दी! और अब कारण-पिशाचिनी का आह्वान किया! आधा-घंटा बीता और वो प्रकट हुई! और अब हुए आरम्...
