श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१२ फरीदाबाद की एक घटना

"हाँ" वे बोले, "वो क्यों?" मैंने पूछा, "पता नहीं" वे बोले, "क्या कर रहा है ये लड़का?" मैंने खुद से ही सवाल किया, "बात भी तो नहीं करता" वे बोले,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ फरीदाबाद की एक घटना

"क्या करता है लड़का?" मैंने पूछा, "अभी तो पढ़ाई कर रहा है" वे बोले, "कहाँ?" मैंने पूछा, "दिल्ली में ही" वे बोले, "अच्छा, व्यवहार का मतलब समझाइये...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

अब मैंने उनको फिर से मांदलिया में डाल लिया, इबु को वापिस किया, इबु वापिस हुआ, और मैं भी वापिस हुआ, चालीस मिनट हो चुके थे, मैं चढ़ कर ऊपर आ गया, गाड़ी के...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

"हमको जाना होगा भनौट" मैंने कहा, "भनौट, जी ज़रूर, बताइये कब?" वे बोले, "आप कब चल सकते हैं?" मैंने पूछा, "जब आप आज्ञा करें गुरु जी" वे बोले, "आज...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

"चलिए अब, घर चलें!" मैंने कहा, तभी रमन जी अंदर गए, कमरे में जो कि थोड़ी दूर ही था वहाँ से, और फिर वापिस आ गए, शायद हिसाब करने गये थे, मैंने नहीं पूछा...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

करना था! जन एक अशरीरी वचन का पालन कर सकता है तो हम देहधारी क्यों नहीं?? कैसी अपार विडंबना है ये! "ठीक है, मैं ले चलूँगा तुमको!" मैंने कहा, उसने धन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

उसने सोचा मैं तैयार हुआ! उसने तभी अपनी टोकरी उठायी! "रुको अभी!" मैंने कहा, उसने टोकरी नीचे रखी तभी! फिर से मन में संशय हुआ! उसने मुझे देखा! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

"नहीं! मैं नहीं जानता, मुझे कुम्भा के पास जाना है एक बार! एक बार!" उसने कहा, "कुम्भा अब शेष नहीं" मैंने कहा, "नहीं है, मैं जानता हूँ!" उसने कहा, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

फिर उसने अपना चाक़ू निकाला! मुझे दिखाया जैसे मैं उसका शत्रु हूँ! और लपक पीडीए मेरी तरफ! जैसे ही मेरी तरफ आया मेरे तंत्राभूषणों ने अपना कमाल दिखाया और व...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

"किस से?" मैंने पूछा, "कुशहा से" वो बोला, "अब कोई कुशहा नहीं है इस संसार में" मैंने बताया, "झूठ न बोलो" उसने कहा, "मैं झूठ नहीं बोल रहा!" मैंन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

उसने टोकरी को देखा, उचक कर! "जो मैंने कहा वो सच है!" मैंने कहा, "तुमको मैंने उठवाया है आज, बताओ, नहीं क्या? कौन पकड़ कर लाया तुमको? किसके कहने पर, ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

अजीब से भाव थे आँखों में उसके इस सवाल से! "करोगे?" मैंने पूछा, उसने टोकरी को हाथ लगाया, "नहीं नहीं! ऐसा मत साझो छ्त्रसिंह! मैं तुम्हारी मदद करना...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

"जो चाहो, धन, ज़मीन, जो चाहो, बहुत बना हुआ आदमी है कुम्भा!" वो बोला, बना हुआ! अर्थात धनी! "ठीक है, मैं ले चलूँगा" मैंने कहा, "ले चलो, अभी! अभी ले...

2 years ago
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RE: वर्ष २०११ संवाई माधोपुर की एक घटना

"हाँ जी, छपते छिपाते, जंगलों के रास्ते आते हुए सोलह रोज हो गए" वो बोला, "महीना कौन सा चल रहा है छ्त्रसिंह?" मैंने पूछा, "बैसाख है जी" वो बोला, "...

2 years ago
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