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“तेरा सर मेरे चरणों में होगा” कह गया वो! मुझे अब हंसी आ गयी! रोक ही न सका मै! न बन पड़ा! “मेरा मस्तक?” मैंने पूछा, “हाँ ये मस्तक” उसने इशारे से क...
“किए नहीं आएगी?” बैजू ने कहा, “तेरे और इसके बाप में दम है तो ले आ वहाँ से?” मैंने कहा, “ओये! ज़बान सम्भाल, तू जानता नहीं मैं कौन हूँ?” बैजू खड़े होत...
“पूछ रहा था कि आप कौन हैं, कहाँ से आये हैं और कहाँ ठहरे हैं?” उसने कहा, “अच्छा! फिर?” मैंने पूछा, “जी हमने बता दिया कि वो दिल्ली से हैं और शांडिल्...
“ठीक है, एक काम करना, आज यहीं रहना, मैं आज मतंगनाथ के डेरे पर जाऊँगा, कुछ काम है मुझे वहाँ” मैंने कहा, “ठीक है” वो बोली, अब मैंने उसे उसके कमरे मे...
करने गया और फिर वापिस आने पर सो गया, शर्मा जी सो चुके थे, कल्पि हमारे कक्ष के साथ वाले कमरे में जा चुकी थी सोने के लिए, सुबह हुई, मैं तनिक देर से उठ...
“कुछ नहीं” मैंने कहा, “इसको यहीं छोड़ोगे?” उसने पूछा, मैंने उस बेचारी कल्पि को देखा, आँखों में झंझावात लिए मेरे होंठों को देख रही थी कि मैं क्या बो...
सभी गुर्गे हँसे उसके! दांत फाड़ने लगे! “सुन ले बैजनाथ, आज के बाद यदि तूने इसको कभी बुलाया तो तेरे लिए अच्छा नहीं होगा!” मैंने कहा, वो अवाक! मां...
“तुम्हे बुलाया था?” मैंने पूछा, “हाँ” उसने सुबकते हुए कहा, “क्यों बुलाया था?” मैंने पूछा, अब वो अजीब सी सिसकी लेकर रोई! मैं समझ गया, कनपटियाँ ...
“बताया तो था?” मैंने कहा, “मुझे?” उसने पूछा, “नहीं, रमा को” मैंने कहा, रमा, उसकी बड़ी बहन! “उसने नहीं बताया मुझे” वो बोली, “तो इसमें मेरी क्य...
“हाँ जी” वो बोला, अब मैं सोच में डूबा! “पूरी कहानी पता है तुझे?” मैंने पूछा, “पूरी तो नहीं हाँ कुछ मालूम है” उसने कहा, तभी वहाँ कल्पि नाम की ए...
“तू जानता है इसको?” मैंने पूछा, “नहीं” उसने कहा, “तो पहचानता कैसे है?” मैंने पूछा, “मैं पहचानता हूँ” सुर्रा के साथ बैठे एक मरे से औघड़ ने बताया, ...
वो मुझसे मिलने दिल्ली कई बार आयी, आखिरी बार पिछले महीने नवंबर में आयी थी! आज उसका अपना व्यवसाय है! वो हंसी-ख़ुशी रह रही है! और अब वो बाबा रोमण! मुझ...
चुप! मैंने वो पोटली उसको दे दी! उसने वो पोटली अपने पास रख ली! “चलिए अब” मैंने कहा, “हाँ” वे बोले, मैं गाड़ी की पिछली सीट पर जाकर लेट गया! दर्द ...
और वो पतली उठायी, पोटली भारी थी! मैंने उठायी, सामने देखा, वहाँ कोई नहीं था! चली गयी थी वो सेविका वहाँ से! रहा गया वहाँ केवल सन्नाटा! और ...
