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“सुनो कल्पि, एक साधिका को जब साधक क्रियान्वेषण में लगाता है तो वे समरूप हो जाते हैं, उसमे धन और ऋण का समावेश हो जाता है, ये समान रूप से रहना चाहिए, को...
“सुनो कल्पि, एक साधिका को जब साधक क्रियान्वेषण में लगाता है तो वे समरूप हो जाते हैं, उसमे धन और ऋण का समावेश हो जाता है, ये समान रूप से रहना चाहिए, को...
ने मुझे बेहद सशक्त बना दिया था! इस कल्पि की खातिर मैं उस खेवड़ के चेले बैजू से भिड़ने को तैयार था, बस इसलिए कि शक्ति के स्वरुप का शोषण नहीं होना चाहिए क...
“बाबा को बता दिया गुरु जी?” उन्होंने पूछा, “हाँ” मैंने कहा, “स्थान मिल गया?” उन्होंने पूछा, “हाँ” मैंने कहा, “यहीं है या कहीं और?” उन्होंने पू...
“ठीक है बाबा” मैंने कहा, आज्ञा मिल गयी थी! मैंने नमस्ते की और बाहर आ गया! सीधा अपने कक्ष की ओर चला तो मुझे कल्पि खड़ी दिखायी दी दरवाज़े पर! मैं उस...
“उसका फ़ोन आया था” वे बोले, ‘अच्छा, क्या कह रहा था?” मैंने पूछा, “यही कि मैं समझा दूँ तुमको, हटा दूँ रास्ते से” वे बोले, मुझे हंसी सी आ गयी! “आ...
पीछे देखा! वो मुझे ही देख रही थी! मैं मुड़ा और बाबा के कक्ष की ओर चला गया! अब मैं बाबा के पास गया! बाबा आराम से बैठे थे, फलाहार कर रहे थे, मु...
“नहीं” उसने कहा, “जो तुम सोच रही हो वो सम्भव नहीं” मैंने कहा, “क्यों?” उसने पूछा, “मैं नहीं चाहता प्राणहारी कष्ट हो तुमको” मैंने बताया, “आपको ...
“इसका मतलब मुझे एक साध्वी के आवश्यकता होगी” मैंने कहा, “साध्वी? कौन?” उसने पूछा, “द्वन्द समय मुझे एक साध्वी की आवश्यकता पड़ेगी” मैंने कहा, “फिर?”...
शर्मा जी अपने कक्ष में गए और मैं गया कल्पि के पास! वो बेचारी उलझन में फंसी थी, चेहरे से साफ़ झलकता था! “कैसे परेशान हो कल्पि?” मैंने पूछा, “कुछ नही...
तारीख तय हो गयी थी! परसों नवमी थी! महारात्रि! हम वापिस चल पड़े! मैं बैजनाथ को बड़ा सबक सिखाना चाहता था, एक ऐसा सबक कि भविष्य में वो ऐसा कभी करने क...
“बताओ, कौन है ये?” उसने मतंगनाथ से पूछा, “ये धन्ना बाबा का पोता है!” मतंगनाथ ने कहा, “कौन धन्ना बाबा?” उसने पूछा, “थे एक” मतंगनाथ ने माना, “कौ...
“अगर वो लड़की यहाँ नहीं रहेगी तो ये भी नहीं रहेगी” मैंने कहा, “मंजूर है” मैंने कहा, “और उसे हम छीन लेंगे!” उसने कुटिल मुस्कान के साथ ऐसा कहा, “छी...
“असम्भव है ये” मैंने कहा, “क्यों?” उसने पूछा, “लड़की नहीं आना चाहती” उसने कहा, “या तुम नहीं चाहते?” उसने पूछा, “ऐसा ही सही” मैंने कहा, “क्या ...
काफी भीड़-भाड़ थी वहाँ, कुछ आयोजन सा था, हम अंदर गए तो मैं सुर्रा और नागल के कक्ष की ओर बढ़ा, कक्ष तक पहुंचा, वे वहाँ नहीं थे, कक्ष खुला था, हम बाहर ही ख...
