श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Mar 25, 2026
Topics: 245 / Replies: 9252
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“आप वहीँ होओगे न मेरे साथ?” उसने पूछा, “नहीं, मैं वापिस दिल्ली जाऊँगा वहाँ से” मैंने कहा, वृक्ष से कोई बड़ी सी शाख टूटी! कटाक! “दिल्ली क्यों जा...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

अब उसने फिर से मदिरा परोसी, मुझे देखा और मुस्कुरायी, उसने गिलास मुझे दिया, मैंने गिलास मुंह पर लगा खाली कर दिया, ऐसा ही उसने किया! अब उसको खुमारी सी ह...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

बहुत बड़ा और भारी प्रश्न था! यही तो है स्त्री-सुलभता! कम शब्दों में गहन अर्थ! बहुत बड़ा प्रश्न था! “उसके बाद तुम स्वयं जान लोगी कि क्या करना है” मैंने...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“सुनो कल्पि, एक साधिका को जब साधक क्रियान्वेषण में लगाता है तो वे समरूप हो जाते हैं, उसमे धन और ऋण का समावेश हो जाता है, ये समान रूप से रहना चाहिए, को...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“सुनो कल्पि, एक साधिका को जब साधक क्रियान्वेषण में लगाता है तो वे समरूप हो जाते हैं, उसमे धन और ऋण का समावेश हो जाता है, ये समान रूप से रहना चाहिए, को...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

ने मुझे बेहद सशक्त बना दिया था! इस कल्पि की खातिर मैं उस खेवड़ के चेले बैजू से भिड़ने को तैयार था, बस इसलिए कि शक्ति के स्वरुप का शोषण नहीं होना चाहिए क...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“बाबा को बता दिया गुरु जी?” उन्होंने पूछा, “हाँ” मैंने कहा, “स्थान मिल गया?” उन्होंने पूछा, “हाँ” मैंने कहा, “यहीं है या कहीं और?” उन्होंने पू...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“ठीक है बाबा” मैंने कहा, आज्ञा मिल गयी थी! मैंने नमस्ते की और बाहर आ गया! सीधा अपने कक्ष की ओर चला तो मुझे कल्पि खड़ी दिखायी दी दरवाज़े पर! मैं उस...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“उसका फ़ोन आया था” वे बोले, ‘अच्छा, क्या कह रहा था?” मैंने पूछा, “यही कि मैं समझा दूँ तुमको, हटा दूँ रास्ते से” वे बोले, मुझे हंसी सी आ गयी! “आ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

पीछे देखा! वो मुझे ही देख रही थी! मैं मुड़ा और बाबा के कक्ष की ओर चला गया! अब मैं बाबा के पास गया! बाबा आराम से बैठे थे, फलाहार कर रहे थे, मु...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“नहीं” उसने कहा, “जो तुम सोच रही हो वो सम्भव नहीं” मैंने कहा, “क्यों?” उसने पूछा, “मैं नहीं चाहता प्राणहारी कष्ट हो तुमको” मैंने बताया, “आपको ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“इसका मतलब मुझे एक साध्वी के आवश्यकता होगी” मैंने कहा, “साध्वी? कौन?” उसने पूछा, “द्वन्द समय मुझे एक साध्वी की आवश्यकता पड़ेगी” मैंने कहा, “फिर?”...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

शर्मा जी अपने कक्ष में गए और मैं गया कल्पि के पास! वो बेचारी उलझन में फंसी थी, चेहरे से साफ़ झलकता था! “कैसे परेशान हो कल्पि?” मैंने पूछा, “कुछ नही...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

तारीख तय हो गयी थी! परसों नवमी थी! महारात्रि! हम वापिस चल पड़े! मैं बैजनाथ को बड़ा सबक सिखाना चाहता था, एक ऐसा सबक कि भविष्य में वो ऐसा कभी करने क...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०११ काशी की एक घटना

“बताओ, कौन है ये?” उसने मतंगनाथ से पूछा, “ये धन्ना बाबा का पोता है!” मतंगनाथ ने कहा, “कौन धन्ना बाबा?” उसने पूछा, “थे एक” मतंगनाथ ने माना, “कौ...

1 year ago
Page 12 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top