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बड़े वाला का सन्देश पहुंचाता था, बार बार, छोटे वाले को! कि आगे खिसक जा! कुछ ही समय शेष था बस! तभी बाबा आ गए, एक झोला लिया हुआ था उन्ह...
बैठे! "कब चलोगे?" उन्होंने पूछा, "जब आप चाहो?" मैंने कहा, "चार बजे निकलते हैं" वे बोले, "ठीक है" मैंने कहा, "तैयार रहना, मैं आता हूँ अभ...
और न ही ऐसा आनंद! बस, पेट भरना होता है किसी तरह से! भोजन कर लिया! और अब हाथ-मुंह धोया! कुल्ला किया! और मुंह पोंछा! सूरज ने अपना क...
फिर पोंछते रहो! अब किया खाना शुरू! लज़ीज़ भोजन था! देसी ज़ायक़ा था न इसीलिए, तभी एक महिला, एक घड़ा सा ले आयीं, और उसमे से, दही निकाल, ...
प्यासे को पानी पिला दिया! गिरे पड़े को सहारा दे दिया! बाबा के इस कथन ने तो! जान में जान आ गयी! "वो जगह अच्छी है! खूब पेड़ हैं वहाँ, एक दूसरे...
हम शहरी लोग हैं, तो, इसलिए चाय भी बनवा दी गई! चाय शुद्ध देहाती थी! पी जी हमने! आनंद आ गया! थकावट में चाय आराम देती है! "ये है जी मेर...
और हमने सामान रख दिया वहीँ! एक लड़का पानी लाया, हमने पानी पिया! और जूते उतारे! और टांग ऊपर कर, बैठ गए चारपाई पर! चारपाई भी शुद्ध बंगा...
तभी एक दूध वाली गाड़ी मिल गयी, बाबा ने बात की, और बात बन गयी! उतार दिया उसने हमको गाँव से कोई दो किलोमीटर पहले, मैंने उस गाड़ी वाले को पैसे ...
और फिर अंदर आ बैठे! पता चला बिलबा जोगन अपनी बेटी के यहां गयी है! कल आएगी वापिस! कोई बात नहीं साहब! हमको तो जाना था आगे! रात ही बिताने आ...
सामन इक तालाब था, काफी बड़ा! जाल सा लगा था उसमे, शायद मत्स्य-पालन के लिए रखा गया था वो! शर्मा जी भी आ गए! और हमने फिर अपनी वहिं कलवाली द...
और हाथों से ही मढ़ गए! सभी के सभी! बढ़िया थी मच्छी! हलकी सी ही गरम थी, लेकिन थी बढ़िया! बात ये थी कि भूख लगी थी! तो सब बढ़िया ही बढ़िया! ...
एक कोठरे में आ गए, यहाँ तख़्त पड़े थे, बिस्तर भी लगा दिया था किशोर ने, अब मैंने अपना सामान तांगा एक खूँटी पर, और बैठ गया! टेकचंद बाहर चले...
हाँ, तो वो, आदमी आया, और फाटक खोला, "आओ" बाबा टेकचंद बोले, और हम अंदर चले! अंदर भी अँधेरा था बहुत! टेकचंद बाबा की टॉर्च का ही सहारा ...
हम हुए मुस्तैद! टेकचंद बाबा ने लगायी हांक एक! और कुत्ते शांत! अर्थात! जानते थे वे कुत्ते बाबा को अच्छी तरह! और बाबा की टॉर्च ने फिर से ...
"गाँव तो दूर है बहुत अभी" वे बोले, और मैं हुआ सन्न! "कितनी दूर?'' मैंने पूछा, "कोई बीस किलोमीटर" वे बोले, "तो यहाँ क्यों उतरे?" मैंने पूछा...
