श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Jun 30, 2026
Topics: 245 / Replies: 9255
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

मैंने देखा बाबा उठे और मोंटू अचेत हो गया! बाबा मेरे समक्ष प्रकट हो गए! धवल वस्त्रों में एक दिव्य-बाबा! सफ़ेद कुरता और सफ़ेद तहमद! गले में फिरोजा की माला...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

"बाबा, जहां आपकी मज़ार है, वहाँ फिर कोई दूसरा शख्स ऐसा कर सकता है, मै चाह रहा था की वहाँ एक पक्का चबूतरा बनवा दिया जाए तो कैसा रहे?" मैंने कहा, "अब ल...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

"गुरूजी, मना लीजिये बाबा को, मन में डर लगा हुआ है किसी अनहोनी का" "घबराओ नहीं कपूर साहब! न जानी कौन से पल में वो खुश हो जाएँ!" मैंने कहा, बाबा की नम...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

"जैसी आपकी मर्जी बाबा! मै तो सिर्फ गुहार लगा सकता हूँ, मानना ना मानना आपके ऊपर है" मैंने कहा, अब मै वहाँ से उठा तो बाबा ने ऊँगली के इशारे से फिर नीच...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

वे बोले, "ओह! ये तो बड़ी भारी भूल हो गयी इस से!" मैंने कहा, "हाँ! इसने एक बार भी गलती नहीं मानी अपनी! जूता वहीँ मेरी जगह पर ही झाड़ा इसने!" वे बोले,...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

"इसको तो कतई माफ़ न करूँ, मेरे सर पर पाँव रख दिया इसने, माफ़ नहीं करूँ कतई!" मोंटू बोला, "इसको मालूम न होगा, आखिर है तो आदमजात ही, माफ़ कर दीजिये बड़े म...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१० दिल्ली की एक घटना

हाथ न लगाने दे! तस्वीरें वहाँ से हटाने को कहे! अरबी और उर्दू के अलफ़ाज़ बोले! खालिस! और फिर आँखें मूँद के चुप हो जाए! घरवालों को बड़ा अजीब लगा! अचानक म...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

गाड़ी का इंतज़ार किया, और जब गाड़ी आयी, तो सवार हुए, और फिर पहुँच गए हम, रात्रि से थोडा पहले वहाँ! बाबा शम्भू नाथ को सब बता दिया! उन्हो...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

अब हम उठे! उन दोनों बाबाओं ने जयकार किया! और हम वापिस आ लेटे वहाँ! मै उसी के बारे में सोचता रहा! प्रश्न बुनता, और फिर सुलझा भी देता! ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

हम, देखते रहे उनको! जाते हुए! हम तो, कृतज्ञ हो गए थे उनके! वो प्रकाश, चलता रहा आगे आगे, और फिर धूमिल होता गया! और जैसे फिर शून...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

हम धन्य हो गए थे! हम चारों हाथ जोड़े, और नेत्र बंद किये, उस अपरम्पार की इस अपार अनुकम्पा पर, अपने आपको को गौरान्वित महसूस कर रहे थे! और ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

बस, यही जानिये आप! तो पुण्यों का क्षय क्यों हो? उन्हें संचित करें तो, क्या नहीं हो सकता? आपको देवत्व भी प्राप्त हो सकता है! क्या असम्भव...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

यही है सच! मूल रूप से सच यही है! अब ये जो शब्द है न कर्म? इसके कई भेद हैं! कई भेद! इतना सरल नहीं इसको जानना! बस आप इतना जानो, कि ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०११ कोलकाता से पहले एक स्थान की घटना

और क्या चाहिए था! ये किसी आशीर्वाद से कम नहीं था! बिलकुल कम नहीं! ये तो महा-आशीर्वाद था! महा-आशीर्वाद! सच कहता हूँ मित्रगण! स्वर्ग! ...

2 years ago
Page 114 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top