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प्रसन्न होने पर ही अभीष्ट सिद्धि प्रदान करती है! इस सिद्धि से व्यक्ति भूत-विजयी और प्रेत-विजयी हो जाता है! कोई भी भूत-प्रेत उसका अहित नहीं कर सकता! वर...
ध्यान एकाग्रचित हो जाता है! भय का नाश हो जाता है! ध्यान केन्द्रित होने पर वो साधना में सिद्धि को प्राप्त कर लेता है! भूत-प्रेत मांस और मदिरा के शौक़ी...
परन्तु किसका बल अधिक है और किसका नहीं, ये कैसे जाना जाए? भूत और प्रेतों में उनकी आयु से बल आता है! एक मंत्र है, इसे बलसाधन-मंत्र कहते हैं! इक्कीस दिनो...
सफाई करवाई गयी, सफाई मोहन ने ही की, जगह साफ़ करने के बाद वहाँ तीन गड्ढे खोदे गए, करीब दो दो फीट गहरे! प्रत्येक गड्ढे में अपने साथ लायी गयीं मुर्गियां ए...
और मित्रगण! रहा मोहन! मै मोहन के साथ जो हुआ आपको बता ही रहा हूँ! और भी बाकी बताता हूँ अगले अपडेट में! प्रातः काल शमशान सरंक्षक आया, उसने मोहन को देखा,...
अब उस औरत ने वो गठरी खोली! गठरी में से कुछ कटे हुए सर निकाले! फिर उस सरों का मुंह मोहन की तरफ कर दिया! एक सर उसकी माँ का! एक सर उसके बाप का! एक सर उसक...
जाते हैं और साधक की साधना भंग करने का प्रयास करते रहते हैं! यही कारण है कि तंत्राभूषण एवं अस्थि-माल धारण किये जाते हैं! लेकिन मोहन ने ऐसा कुछ नहीं किय...
उसने फिर से ऐसे तांत्रिकों की शरण ली! ना जाने कहाँ कहाँ गया! लेकिन कुछ हांसिल ना हुआ उसे! हिम्मत टूट गयी उसकी! एक दिन गुजरते हुए उसकी नज़र एक किताब पर ...
पन्द्र दिन भी बीते! लेकिन कुछ न हुआ! रूबी का व्यवहार वैसा ही रहा! उसको बात समझ न आई कुछ भी! वो पहुंचा बाबा के पास! बाबा को सारी बात बताई! बाबा हंसा और...
"हम्म!" बाबा ने कहा और नाम एक कागज़ पर लिख लिया! "अच्छा, अब बताइये क्या काम है, क्या करना है?" उसने कहा, "जी मै इस से मुहब्बत करता हूँ बहुत......" ...
कहाँ जाए! क्या करे! सब बेकार! किसी को क्या बताये! काम में भी मन न लगे! वो संस्थान तक जाए, गाडी रोके और एक नज़र भर रूबी को देखे! रूबी उसके सामने से गुजर...
थैला अचानक फट पड़ा हो! अब मुझसे रहा न गया! मै उठा, कराल-मंत्र पढ़ा और अपना त्रिशूल तीन बार भूमि पर मारा! साधिका ने मुझे देखा और वरुण को नीचे छोड़ा और मेर...
मै भी सचेत हो गया! शर्मा जी को जस का तस बैठे रहने दिया! साधिका उठी और चिता की ओर बढ़ी! उसने चिता से उठता धुंआ अपने नथुनों में खींचा और समाया! फिर से वृ...
साधिका की ओर अपना त्रिशूल किया था! ह्रौं-मुंडी वापिस हुई और साधिका धम्म से नीचे गिरी! वहाँ वरुण की हालत खराब हो गयी थी! कंकड़-पत्थर आदि से शरीर छिल ग...
