श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: प्रेत बाधा या प्रेत भय

@shalg88 कोई भी काजल आपका परिचय दीजिए id से नही पहचान पा रहा परिचय विभाग में परिचय दीजिए।

2 months ago
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RE: महत्वपूर्ण सूचनाएं

आश्रम पर हर प्रकार की समस्या का निराकरण होता है ज्योतिष तन्त्र मंत्र यंत्र द्वारा आप कुंडली फ़ोटो नाम पता भेज कर उपाय प्राप्त कर सकते है विवेचना एवं ...

3 months ago
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RE: चर्चा परिचर्चा

सभी कुछ सम्भव है

11 months ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

वहाँ चारदीवारी का काम अगले दिन से ही आरम्भ हो गया! मै दिल्ली वापिस आ गया उसी दिन! मित्रगण! आज वहाँ वो चारदीवारी है, वहाँ बागवानी होती है, कुछ सब्जिय...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

लडेगा-भिड़ेगा! आपनी फितरत से बाज नहीं आएगा! तो बेहतर है कि इसको यहीं रहने दिया जाए, इसकी ज़मीन की चारदीवारी करा दी जाए और इसको यहीं रहने दिया जाए! अब ये...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“अगर मै तुझे यहाँ से आज़ाद कर दूँ तो, तू कहाँ जाएगा?” मैंने पूछा, “मै कहीं नहीं जा सकता, मै यहीं रहूँगा” उसने बताया, “यहाँ रहेगा तो तू मारेगा लोगों...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“तू यहाँ कब से है?” मैंने पूछा, “बहुत सालों से” उसने हाथ उठाके बताया, “अच्छा!” मैंने आश्चर्य से कहा, “हाँ” उसने बताया, “तू फिर यहाँ से चला क्य...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“अरे जा कायर! जा कायर पहलवान!” मैंने अट्टहास लगा के कोसा उसको! “अब हिम्मत है तो आगे बढ़!” मैंने फिर ललकारा उसे! तभी मुझे भेडिये के गुर्राने की आवाज...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

वो और जोर से रोया अब! “रोता क्यूँ है पहलवान?” मैंने पूछा, फिर वो एकदम से खिलखिलाकर हंसने लगा! “वाह! क्या बात है! तेरे से लड़के मजा आ गया!” उसने क...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

किया, वो मुझसे टकराया और फिर मेरा त्रिशूल मेरे हाथ से छिटक गया! उस रीछ ने गुराते हुए मुझे देखा, मैंने अपना त्रिशूल पकड़ने के लिए छलांग लगाई, त्रिशूल मे...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

छलावे का डर अपने ऊपर हावी ना होने देना ही उस से बचने का उपाय है! “हाँ! मार दूंगा, ज़मीन में गाड़ दूंगा” उसने गुस्से से कहा! “अच्छा! इतनी ताक़त है तुझ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

अब वो सामने आया थोडा और! और रुक गया! “क्या हुआ? मेरे सामने आ?” मैंने कहा, वो आगे नहीं बढ़ा! उसे शायद गंध आ गयी तामस-विद्या की! “आजा सामने” मैंने ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“मै समझ गया! ठीक है, परन्तु मेरे रक्षा-घेरे में ही रहें, चाहे मेरे साथ कुछ भी हो” मैंने बताया, “जी गुरु जी” उन्होंने कहा, तब मैंने उनको भी तंत्राभ...

1 year ago
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