श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Mar 25, 2026
Topics: 245 / Replies: 9252
Reply
RE: प्रश्नोत्तर विभाग

@min दैनिक पूजन का तो पता नही पर विशेष पर्व आदि पर इनका पूजन होता है ये रक्षण के साथ विध्वंस की शक्ति है त्रिशूल खड्ग ओर गंडासा मुख शस्त्र है ये सौ...

4 weeks ago
Forum
Reply
RE: प्रश्नोत्तर विभाग

@min देवी श्रंखला में इनकी गिनती होती है मेघनाद की आराध्य देवी

4 weeks ago
Forum
Reply
RE: प्रश्नोत्तर विभाग

@kaal-purush कई जगह बताए हुए है इनके लक्षण आश्रम पर रक्षा कवच बनाये जाते है

4 weeks ago
Forum
Reply
RE: चर्चा परिचर्चा

@min रुद्राक्ष का सात्विकता में अलग मत है तामसिकता में अलग इसलिए मन की भावना और सम्मान से जो योग्य हो वो करना चाहिए

3 months ago
Forum
Reply
RE: चर्चा परिचर्चा

@min इसके लिए सौंदर्य यक्षिणी के ताबीज बनते है

3 months ago
Forum
Reply
RE: परिचय विभाग

@leonoctopus पुनः का तातपर्य आप कभी दिल से दूर हुए ही नही

3 months ago
Forum
Reply
RE: प्रेत बाधा या प्रेत भय

@shalg88 कोई भी काजल आपका परिचय दीजिए id से नही पहचान पा रहा परिचय विभाग में परिचय दीजिए।

6 months ago
Reply
RE: महत्वपूर्ण सूचनाएं

आश्रम पर हर प्रकार की समस्या का निराकरण होता है ज्योतिष तन्त्र मंत्र यंत्र द्वारा आप कुंडली फ़ोटो नाम पता भेज कर उपाय प्राप्त कर सकते है विवेचना एवं ...

6 months ago
Forum
Topic
Forum
Replies: 1
Views: 272
Reply
RE: चर्चा परिचर्चा

सभी कुछ सम्भव है

1 year ago
Forum
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

वहाँ चारदीवारी का काम अगले दिन से ही आरम्भ हो गया! मै दिल्ली वापिस आ गया उसी दिन! मित्रगण! आज वहाँ वो चारदीवारी है, वहाँ बागवानी होती है, कुछ सब्जिय...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

लडेगा-भिड़ेगा! आपनी फितरत से बाज नहीं आएगा! तो बेहतर है कि इसको यहीं रहने दिया जाए, इसकी ज़मीन की चारदीवारी करा दी जाए और इसको यहीं रहने दिया जाए! अब ये...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“अगर मै तुझे यहाँ से आज़ाद कर दूँ तो, तू कहाँ जाएगा?” मैंने पूछा, “मै कहीं नहीं जा सकता, मै यहीं रहूँगा” उसने बताया, “यहाँ रहेगा तो तू मारेगा लोगों...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“तू यहाँ कब से है?” मैंने पूछा, “बहुत सालों से” उसने हाथ उठाके बताया, “अच्छा!” मैंने आश्चर्य से कहा, “हाँ” उसने बताया, “तू फिर यहाँ से चला क्य...

1 year ago
Page 1 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top