श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: May 11, 2026
Topics: 245 / Replies: 9254
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“अगर मै तुझे यहाँ से आज़ाद कर दूँ तो, तू कहाँ जाएगा?” मैंने पूछा, “मै कहीं नहीं जा सकता, मै यहीं रहूँगा” उसने बताया, “यहाँ रहेगा तो तू मारेगा लोगों...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“तू यहाँ कब से है?” मैंने पूछा, “बहुत सालों से” उसने हाथ उठाके बताया, “अच्छा!” मैंने आश्चर्य से कहा, “हाँ” उसने बताया, “तू फिर यहाँ से चला क्य...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“अरे जा कायर! जा कायर पहलवान!” मैंने अट्टहास लगा के कोसा उसको! “अब हिम्मत है तो आगे बढ़!” मैंने फिर ललकारा उसे! तभी मुझे भेडिये के गुर्राने की आवाज...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

वो और जोर से रोया अब! “रोता क्यूँ है पहलवान?” मैंने पूछा, फिर वो एकदम से खिलखिलाकर हंसने लगा! “वाह! क्या बात है! तेरे से लड़के मजा आ गया!” उसने क...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

किया, वो मुझसे टकराया और फिर मेरा त्रिशूल मेरे हाथ से छिटक गया! उस रीछ ने गुराते हुए मुझे देखा, मैंने अपना त्रिशूल पकड़ने के लिए छलांग लगाई, त्रिशूल मे...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

छलावे का डर अपने ऊपर हावी ना होने देना ही उस से बचने का उपाय है! “हाँ! मार दूंगा, ज़मीन में गाड़ दूंगा” उसने गुस्से से कहा! “अच्छा! इतनी ताक़त है तुझ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

अब वो सामने आया थोडा और! और रुक गया! “क्या हुआ? मेरे सामने आ?” मैंने कहा, वो आगे नहीं बढ़ा! उसे शायद गंध आ गयी तामस-विद्या की! “आजा सामने” मैंने ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“मै समझ गया! ठीक है, परन्तु मेरे रक्षा-घेरे में ही रहें, चाहे मेरे साथ कुछ भी हो” मैंने बताया, “जी गुरु जी” उन्होंने कहा, तब मैंने उनको भी तंत्राभ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

मूत्र त्याग करने वाले उसे पसंद नहीं, हाँ चुनौती देने वालों को वो बख्श्ता नहीं! यही हुआ था आज तक वहाँ! अब मैंने वहाँ से नरेन्द्र हो हटा दिया! और शर्म...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

फिर हमारी कुछ और बातें होती रही इसी विषय पर, मेरे पास अभी दो दिनों का समय था तैयारी करने के लिए, मैंने कुछ साजो-सामान व सामग्री मंगवा ली! अपने तंत्राभ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

कर रहा है, ये उनके मल-मूत्र त्याग से चिढ़कर उनको लात मार के वहाँ से भगा देता है! अब ये निश्चित रूप से एक बलवान और एक पुराना छलावा ही है, निश्चित रूप से...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

भिड़ने की कहानी सुनाई थी, कुछ और कहानियां भी सुनी थीं मैंने इसके बारे में! दिल्ली के एक दूरसंचार निगम के अधिकारी ने भी मुझे इसकी एक कहानी सुनाई थी, वर्...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

अब मान्त्रिक घेरे में बैठा, कामिया-सिन्दूर निकाला, माथे पर टीका किया! और फिर जेब से भस्म निकाली! और जैसे ही भस्म नीचे डालनी चाहि, तभी उसको उसके घेरे म...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

तब मान्त्रिक ने और मंत्र पढ़े! लेकिन किसी का भी आने का एहसास न हुआ! तब मान्त्रिक ने थोडा तेल अभिमंत्रित करके भूमि पर एक जगह छिड़का और फिर एक घेरा बना लि...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“मुझे वो जगह दिखाओ अरविन्द” उन्होंने कहा, तब नरेन्द्र अरविन्द के कहने पर उनको वो जगह दिखाने चला गया! “ये तो काफी बंजर सा इलाका है अरविन्द” चाचा जी...

2 years ago
Page 2 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top