श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: चर्चा परिचर्चा

सभी कुछ सम्भव है

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

वहाँ चारदीवारी का काम अगले दिन से ही आरम्भ हो गया! मै दिल्ली वापिस आ गया उसी दिन! मित्रगण! आज वहाँ वो चारदीवारी है, वहाँ बागवानी होती है, कुछ सब्जिय...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

लडेगा-भिड़ेगा! आपनी फितरत से बाज नहीं आएगा! तो बेहतर है कि इसको यहीं रहने दिया जाए, इसकी ज़मीन की चारदीवारी करा दी जाए और इसको यहीं रहने दिया जाए! अब ये...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“अगर मै तुझे यहाँ से आज़ाद कर दूँ तो, तू कहाँ जाएगा?” मैंने पूछा, “मै कहीं नहीं जा सकता, मै यहीं रहूँगा” उसने बताया, “यहाँ रहेगा तो तू मारेगा लोगों...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“तू यहाँ कब से है?” मैंने पूछा, “बहुत सालों से” उसने हाथ उठाके बताया, “अच्छा!” मैंने आश्चर्य से कहा, “हाँ” उसने बताया, “तू फिर यहाँ से चला क्य...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“अरे जा कायर! जा कायर पहलवान!” मैंने अट्टहास लगा के कोसा उसको! “अब हिम्मत है तो आगे बढ़!” मैंने फिर ललकारा उसे! तभी मुझे भेडिये के गुर्राने की आवाज...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

वो और जोर से रोया अब! “रोता क्यूँ है पहलवान?” मैंने पूछा, फिर वो एकदम से खिलखिलाकर हंसने लगा! “वाह! क्या बात है! तेरे से लड़के मजा आ गया!” उसने क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

किया, वो मुझसे टकराया और फिर मेरा त्रिशूल मेरे हाथ से छिटक गया! उस रीछ ने गुराते हुए मुझे देखा, मैंने अपना त्रिशूल पकड़ने के लिए छलांग लगाई, त्रिशूल मे...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

छलावे का डर अपने ऊपर हावी ना होने देना ही उस से बचने का उपाय है! “हाँ! मार दूंगा, ज़मीन में गाड़ दूंगा” उसने गुस्से से कहा! “अच्छा! इतनी ताक़त है तुझ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

अब वो सामने आया थोडा और! और रुक गया! “क्या हुआ? मेरे सामने आ?” मैंने कहा, वो आगे नहीं बढ़ा! उसे शायद गंध आ गयी तामस-विद्या की! “आजा सामने” मैंने ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

“मै समझ गया! ठीक है, परन्तु मेरे रक्षा-घेरे में ही रहें, चाहे मेरे साथ कुछ भी हो” मैंने बताया, “जी गुरु जी” उन्होंने कहा, तब मैंने उनको भी तंत्राभ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

मूत्र त्याग करने वाले उसे पसंद नहीं, हाँ चुनौती देने वालों को वो बख्श्ता नहीं! यही हुआ था आज तक वहाँ! अब मैंने वहाँ से नरेन्द्र हो हटा दिया! और शर्म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१२ अलवर रोड़ की एक घटना

फिर हमारी कुछ और बातें होती रही इसी विषय पर, मेरे पास अभी दो दिनों का समय था तैयारी करने के लिए, मैंने कुछ साजो-सामान व सामग्री मंगवा ली! अपने तंत्राभ...

2 years ago
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