Notifications
Clear all
गुरुजी के संस्मरण
47
Posts
3
Users
1
Likes
854
Views
13/09/2024 2:00 pm
हे कोटाल, आप धन्य हो, हम अधिकांश मानव तो लोभ लालच घृणा काम क्रोध आदि के पुतले मात्र हैँ, ज्यादातर को अपने कर्तावयों का पूर्ण ज्ञान तक नहीं होता है, निभाना तो दूर की बात है, कितने ही मानव अपने माता पिता, बहन भाई के लिए अपने कर्तव्यों से पीछे हट जाते हैँ, आप हो जो माँ के लिए हमेशा सब करने को तत्पर, आप धन्य हो धन्य हो धन्य हो 🌹🌹🙏🏻🌹🌹
श्रीशः उपदंडक reacted
29/01/2025 11:30 am
Wah Kotal Naman hai aapko.
Page 4 / 4
Prev
