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गुरुजी के उपाय
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Topic starter
16/07/2024 5:42 pm
ये रोग त्वचा के अन्तः-तंतु-जन्य रोग है, और आम नहीं है, मेडिकल-साइंस में इसका कोई स्थायी उपचार नहीं है, आयुर्वेद में, इसका इलाज सम्भव है, एक झाड़ी होती है, भटकटैया, ये भारत में सर्वत्र उपलब्ध है, इसमें, गर्मी के दिनों में, फल आते हैं, ये फल छोटे छोटे हरे-पीले टमाटर जैसे होते हैं और साथ में, इसके फूलों में, एक पुंगी सी आती है, इसको तोड़ लेना चाहिए, आठ दस इसके फल ले लें, पुंगी भी, उनको पानी में उबाल लें, इसमें, तिल का तेल पांच ग्राम, नीम का तेल पांच ग्राम, जब पानी करीब पचास ग्राम रह जाए, तो एक शीशी में भर लें, ठंडा होने पर, रात के समय, ये द्रव्य, उस त्वचा पर मलें जहां ये रोग है, एक माह प्रयोग करें, अचूक लाभ होगा! तंतु-क्षय होना बंद हो जाएगा!
