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"बताता हम मेरे पिताजी के देहांत के कोई बाद कोई बीस दिन बीते होंगे, तभी रात को...एक मिनट.." वे रुक गए कहते कहते! तभी उन्होंने आवाज़ देकर अपनी छोटी बेट...
"बताएगी तो तू ही?" मैंने कहा, "मै नहीं बताउंगी" वो बोली, "कैसे नहीं बताएगी?" मैंने गुस्से से कहा, "मै लुहाली देवी हूँ" उसने कहा, "तो क्या हुआ?...
"अच्छा! तो तू इस पर क्यों आई है?" मैंने उसकी ही बात बड़ी करी ऐसा पूछ कर, "मुझे भुला दिया इन्होने" वो बोली, "किसने?" मैंने पूछा, "ओम प्रकाश ने!" उ...
"कहाँ की है?" मैंने पूछा, "राजस्थान" उसने कहा, अब मेरी हंसी छूट गयी! "गढ़वाल से सीधी राजस्थान!" मैंने कहा, "चुप! चुप!" वो बोली, हाथ से श्श्श ...
बिस्तर पर रविशा बैठी थी, किसी देवी की तरह! एक हाथ में धामिक ग्रन्थ लिए और दूसरा हाथ अभय-मुद्रा में किये! केश खुले! बदन एक धोती में लिपटा, अंतःवस्त्र क...
कई शक्तियां ऐसी है, जिनका अस्तित्व रचियता ने निर्धारित किया है, रचियता की प्रत्येक सजीव और निर्जीव वस्तु सम्मानजनक है! वो पिशाच-बस्ती आज भी वहीँ है और...
रास्ते पर टोर्च की रौशनी मारी, वहाँ देखा तो आगे एक दालान सा दिखाई दिया, लेकिन वहाँ पहुँचने पर रास्ता बंद हो गया था, मैंने फिर आसपास नज़र दौडाई तो कोई र...
अरुणा ने अपनी आँखें बंद कर रही थीं, वो सुकून महसूस कर रही थी, मंत्र-प्रभाव से लेकिन, उसके कपडे नीचे योनि को ढकने वाले खून से सन गए थे, उसमे से खून टपक...
शर्मा जी भी स्नान आदि से निवृत हो गए, मैऔर शर्मा जी काफी थक गए थे, हमने एक एक कप चाय मंगवाई और फिर हमारी आँख लग गयी! करीब एक बजे मेरी नींद खुली, मैं...
"हाँ कमीनी पिशाचिनी, तुम सभी का काल!" मैंने चिल्ला के कहा! "सुन बाबा की औलाद! ये मेरी बहु है, खिद्दा की बीवी" उसने कहा, "बुला उस साले खिद्दा को मे...
उन्होंने एक धक्का मारा! अरुणा वहीँ गिर गयी! मैंने फिर अरुणा को आवाज़ दी, लेकिन अरुणा ने फिर से मुझे अनसुना कर दिया! मैंने महा-कपालिनी को प्रकट कर उन ...
उसका भाई मारे डर के कांपने लगा! मैंने तब उसके भाई और और उसके पिता जी को वहाँ से निकाल दिया! मैंने फिर से दरवाज़ा बंद कर लिया! अपने साथ लाये हैंडबैग में...
"हाँ, एक सरकारी अधिकारी थे यहाँ पर, उन्होंने ने ही ये मकान बेचा था" "ह्म्म्म! अच्छा, मै खड़ा हुआ और मकान को गौर से देखा, और फिर बैठ गया, इतने में ह...
"मै उस समय रसोई में थी, जब इनका फ़ोन आया, तब मै उसको कमरे में देखने गयी, कमरे का दरवाज़ा अन्दर से बंद तो नहीं था, हाँ भिड़ा ज़रूर हुआ था, मैंने उसको आवाज़ ...
