श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Jun 30, 2026
Topics: 245 / Replies: 9255
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

"क्या हुआ?" शर्मा जी ने पूछा, "वो नहीं मान रही" वो बोले, "तो ज़बरदस्ती लाना था?" शर्मा जी ने अब गुस्से से कहा, "उसकी माँ नहीं मान रही" वे बोले, ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

शर्मा जी उठे और बाहर गए, बाहर जाते ही अपने माँ से चिपकी सौम्या शर्मा जी को देखते ही भाग पड़ी, ऊपर के कमरों की तरफ! ये लाजमी था! हमारे आने से घर में एक ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

"नहीं बताएगी?" मैंने ये कह कर खड़ा हुआ! वो भी खड़ी हो गयी! जैसे लड़ने को तैयार हो! "सुन! अपने आप बता दे, नहीं तो तेरा वो हाल करूँगा कि कहीं भी इस स...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

कोई जवाब नहीं दिया! "क्या खेल खेल है तूने! वाह!" मैंने कहा, गोपाल जी को कुछ समझ नहीं आया, वे बेचारे इस खेल को बस देखते ही रहे! हाँ, शर्मा जी अब मु...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

"अच्छा, गोपाल जी, मुझे सौम्या से मिलवाइए?" मैंने कहा, उन्होंने अपनी पत्नी से पूछा, वे उठ कर गयीं और फिर थोड़ी ही देर में वापिस आ गयीं, हम उठे और उनके...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

आने का स्वागत कर दिया! अब मैं वहाँ से निश्चिन्त हो गया! मैं अपने क्रिया-स्थल में गया, नमन किया और फिर अपना सारा सामान सहेजा, जो भी आवश्यक था सभी समेट ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

आ रही हो और वही परेशान किये जा रही हो? कारण कुछ भी हो सकता था, लेकिन हमको वहाँ जाना अब बेहद ज़रूरी था! फिर भी मैंने कुछ और प्रश्न उनसे किये, "गोपाल स...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

दूसरा शक़ भी खारिज हुआ! "अच्छा गोपाल साहब, आपका व्यवसाय क्या है?" मैंने पूछा, "जी फैंसी लाइट्स का व्यवसाय है हमारा" वे बोले, "फैंसी लाइट्स, अच्छा...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

"गुरु जी, तब से ऐसे ही भटक रहे हैं हम, क्या करें और क्या नहीं, पर देखिये, तीन दिन पहले शर्मा जी ने फ़ोन किया हाल-चाल जानने के लिए, तभी मैंने इनसे ज़िक्र...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

जाना चाहता है, ये सुनकर हम तो सिहर गए, डर गए गुरु जी, हमने उन बाबा के पाँव पकड़ लिए कि हमारी बेटी को कैसे भी करके बचा लो तो उन्होंने कहा कि वो देख्नेगे...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ भोपाल की एक घटना

"लेकिन गुरु जी, एक समस्या है, यूँ कहो कि हँसते-खेलते परिवार को नज़र लग गयी है इनके" वे बोले, "कैसे? क्या हुआ?" मैंने पूछा, "गुरु जी, लगा लीजिये, आज...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला रोहतक की एक घटना

"आजकल का वक़्त बहुत बदल गया है जी, हमारे वाला ज़माना नहीं रहा, अब सब अपनी अपनी मनमर्जी करते हैं, ये लड़का और लड़की अपने अपने घर में बात कर लेते तो ये नौबत...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला रोहतक की एक घटना

घंटे भर में वहाँ पहुंचे, रास्ता साफ़ था, सीधे बाबा असद के पास पहुंचे, कोई दिक्कत नहीं हुई! बाबा असद अपने घर में ही था, छोटा सा घर! हम घर में घुसे, ...

2 years ago
Reply
RE: वर्ष २०१२ जिला रोहतक की एक घटना

"बोलो अब?" मैंने कहा, अब कुछ ना बोले वो! "बताओ बेटी?" अशोक ने कहा, माँ पास जा बैठी, सीने से लगाया और पूछा, अब बोलने लगी नेहा! सब क़ुबूल कर लि...

2 years ago
Page 92 / 634
error: Content is protected !!
Scroll to Top