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भोग सजाना आरम्भ किया! और अलख के पास ले आया! और फिर अन्तिम मंत्र पढ़ने आरम्भ किये बैजनाथ ने! यहाँ! यहाँ मैंने भामा का मंत्रोच्चार क्लिष्ट कर दिया था...
मैंने उसको जस का तस छोड़ा! रूद्रा! यही कहा था उसने! मैंने अपना महासिद्ध कपाल उठाया, उसके सर पर एक दीपक रखने के लिए अलख के पास रखा और दीपक रख दिया, ...
“किसका अंत होगा ये तो अभी पता चल जाएगा बैजनाथ!” मैंने कहा, उसने फिर से एक ज़ोर का अट्ठहास लगाया! “अब तक तू सब सम्भालता रहा! अब नहीं सम्भाल पायेगा!”...
संग्राम कुछ पल ही दूर था अब! दोनों ओर महामंत्र पढ़े जा रहे थे! एक दूसरे के प्रबल शत्रु! परन्तु अब मैं बैजू को शत्रु नहीं मान रहा था, वो नासमझ था, उसक...
तभी कर्ण-पिशाचिनी का स्वर मेरे कानों में गूंजा ‘तृंगगणिका’! तृंगगणिका! पूर्ण सिद्धि प्राप्त था ये बैजू! यदि उसने तृंग को सिद्ध किया था तो सच में वो ...
अब मैंने अट्ठहास लगाया! “खामोश!” वो चीखा! मेरा अट्ठहास उसकी रीढ़ की हड्डी को जड़ कर गया था! “अभी भी समय है बैजू!” मैंने कहा, उसने कोई उत्तर नहीं...
और उधर!! उधर…. उधर तो जैसे त्राहि त्राहि मच गयी! बैजू को काटो तो खून नहीं! जैसे किसी को अपना काल सामने आता दीख रहा हो, ऐसा बैजू खड़ा वहाँ! गुस्से म...
“प्रकट हो!” वो बोला, “प्रकट हो!” उसके औघड़ बोले! और फिर वहाँ चीत्कार सी मच गयी! एडाल सुंदरी की उपसहोदरियां शून्य में से प्रकट हुईं और कुछ सेवक भी प...
वीर की अलख जागृत हो गयी थी! किसी भी पल मेरे शरीर को एक ऊर्जा ग्रसित करने वाली थी! यही थी उस एडाल सुंदरी से भिड़ने की शक्ति! मैंने और केंद्रित होने के ल...
उसने फिर से थूक फेंका और बैठ गया अपने आसन पर! मैं भी बैठ गया और अब मैंने अर्जी लगा दी मोहम्म्दा वीर की! द्वन्द आधे में आ चुका था! अब क्या होगा? ...
“थू!” उसने थूक फेंका! “तभी गाल बजा रहा है!” मैंने कहा, “तेरा काल हूँ मैं! समझा?” चिल्लाया बैजू! “कौन किसका काल है, अभी निर्णय हो जाएगा! कुत्ते क...
मुस्कुराया! “तेरा खेल ख़तम!” उसने कहा, मैं फिर मुस्कुराया! “तू और ये! मरेंगे एक साथ!” वो बोला, उसने मेरी साध्वी की तरफ इशारा किया था! मैं फिर...
भी प्राचीन मंदिरों में कंदरा होने का इसी से अभिप्राय है! इसको अन्य नामों से भी जाना जाता है! एडाल सुंदरी महाबलशाली और महारौद्र है! महातामसिक शक्ति है!...
“बोल?” उसने गाली देकर कहा, “तुझे मैं मारूंगा नहीं, नहीं तो मौत का नाम बदनाम होगा! तेरा वो हाल करूँगा कि ज़िंदगी पल पल भागेगी तुझसे और मौत तुझे आएगी न...
करना ही था! “बैजू?” मैंने हंस के कहा, वो चुप! बेबस सा! खेवड़ की खेवड़ी नहीं काम आयी उसके! और तभी! तभी बैजू ने अपना खंजर उठाया और अपने उलटे ह...
