श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"आपने निकाला है कहीं?" उसने पूछा, "हाँ" मैंने कहा, और ये बोलकर जैसे मैंने कोई धमाका कर दिया! "कितना?" उसने पूछा, भूरा भी ऐसे देखने लगा जैसे को...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"आप क्रिया में बैठो, पता चल जाएगा" उसने कहा, 'नहीं, मैं अभी क्रिया में नहीं बैठूंगा" मैंने कहा, "तो ऐसा नहीं बोलिये" उसने कहा, कहा या डांटा! शाय...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"अच्छा, तब तो वहाँ बरसात का सा मौसम रहता है, बहुत कम ही बाहर आना जाना हो पाता है" वो बोली, "हाँ, ऐसा हो सकता है" मैंने कहा, अब उसने बाबा भूरा को क...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

साहब के घर पहुंचे, घर का भूगोल कुछ ऐसा था कि उनके घर के पीछे से ही उनके खेत आरम्भ हो जाते थे, दूर दूर तक फैले खेत और उनके मध्य बना उनका घर, कुछ और भी ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"नहीं, मुझे बहुत आगे जाना है" वो बोली, "अच्छी बात है" मैंने कहा, बहुत तेज भाग रही थी वो! कुछ अधिक ही तेज! "अब मैं चलता हूँ" मैंने कहा, "ठीक ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"सुनो, मैं यहाँ सब जान चुकी हूँ, यहाँ बहुत शक्तियां हैं, जो विचरण कर रही हैं, उसी का खेल है ये सब, मैं जान चुकी हूँ" उसने कहा, "हाँ, बाबा ने बताया म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"क्यों?" उसने पूछा, "अभी मेरा समय नहीं आया" मैंने कहा, "मैं नहीं समझी" उसने कहा, "अभी मेरे लायक कुछ नहीं यहाँ करने को" मैंने कहा, "क्या करते ह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

बात करना कोई सुझाव देना न देना सब बराबर ही है! दरअसल ये तारा उम्र में होगी कोई तीस के आसपास, तेज़-तर्रार थी, काफी विद्याएँ जानती थी, उसने अपने दम पर यह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"दग्ध-मंत्र? नहीं तो?" उसने कहा, "इसका क्या अर्थ हुआ?" मैंने पूछा, "किसका?" उसने पूछा, "दग्ध-मंत्र का" मैंने पूछा, "अब उसका कोई अर्थ नहीं, हम ...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"हाँ जी" वे बोले, "मैं बात करूँगा उस से" मैंने कहा, "जी गुरु जी" वे बोले और खड़े हो गए! "आइये शर्मा जी" मैंने कहा जूते पहनते हुए, "चलिए" वे बोल...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

और अब हम अपने कमरे में चले, कमरे में जूते खोल लेट गए, तभी सोहन के छोटे भाई मोहन आये वहाँ, उन्होंने खाने की पूछी तो मैंने हाँ कर दी, हमने पहले हाथ-मुंह...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

मैंने तभी एक पेंसिल मगवाई, पेंसिल ला दी गयी, अब मैंने उस गुदे हुए अंश पर पेंसिल फेरी, थोडा समय तो लगा लेकिन एक मंत्र सा उभर गया! ये संस्कृत का एक मंत्...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"चबूतरा कैसा था? मेरा मतलब उस पर कुछ लिखा तो नहीं था, कोई चिन्ह आदि?" मैंने पूछा, "पता नहीं, मैंने नहीं देखा" उसने कहा, "उसकी ईंटें कहाँ फेंकी?" म...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"वो बाबा जी और तारा और साथ में दो मजदूर भी थे" वे बोले, "अच्छा, ठीक है" मैंने कहा और हम उठ लिए वहाँ से, अब मुझे तारा से पूछना था, सो हम तारा से मिलन...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

बाएं हाथ में एक छोटा सा बक्सा सा था! ये बक्सा क्या था, ये समझ नहीं आया था! खैर, सबसे पहले तो ये बात कि एक खंडित मूर्ति को दबाने का क्या औचित्य था? उसक...

2 years ago
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