श्रीशः उपदंडक
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@1008
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

वीर-साधन? कैसा वीर-साधन? वे वीर जो यहाँ खेल दिखाने वाले थे? "साधिका?" मैंने पूछा, "बोलो?" उसने कहा, "कैसा वीर-साधन?" मैंने पूछा, ''द...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"तारा?" मैए गुस्से से कहा, उसने नेत्र खोले, मुझे देखा, और फिर नेत्र बंद कर लिए! वो बाबा भूरा कंटिका पढ़े जा रहा था! और तभी वहाँ ऐसी ध्वनि हुई ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"जाते हो या नहीं?" उसने अपने केश पकड़ कर खींचते हुए कहा! वो अपने आपे से बाहर थी अब! एक दम बाहर! और तभी जैसे गरम वायु का एक बवंडर उठा वहाँ! शान्ति सी...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"मैं नहीं जाऊँगा साधिके!" मैंने कहा, "जाओ यहाँ से?" उसने कहा, अभी मैंने इतना ही कहा कि वहाँ वे लपटें फिर से दहक उठीं! ताप बढ़ गया फिर से, तंत्राभ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"वो देखो?" मैंने कहा, उसने वहीँ देखा जहां मैंने इशारा किया था! लपटें ऊंची हो गयीं थीं! वो फिर से अपने आसन पर आ बैठी! और उसने मिट्टी की एक ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

और उसकी तड़प से बेखबर ये साधिका अपने ही मंत्रोच्चार में मगन थी! मुझसे उस भूरा का दुःख और तड़प नहीं देखा जा रहा था, मैं खड़ा हुआ और अपना त्रिशूल उठाया, और...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

और फिर मित्रगण! जानते हो मैंने क्या देखा? जहां तक क्षेत्रपाल का परिसीमन था, वहाँ उस भूमि पर एक घेरे में आग लग उठी! प्रचंड लपटें! नीले रंग की दहक...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"नहीं!!" उसने कहा, "ये चोरी है" मैंने कहा, "कैसी चोरी?" उसने अलख में ईंधन डालते हुए कहा! "यहाँ स्थानांतरण सम्भव नहीं!" मैंने चेताया! "सम्भ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

अलख में ईंधन डाला उसने! अलख भड़की! अब मैंने अपना हाथ उठाते हुए, उसके बायीं तरफ इशारा किया, और फिर अपनी तर्जिनी ऊँगली से उस चित्र-पट्ट की ओर इंगित...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

पर और फिर वहाँ वो खेड़िया-कपाल स्थापित कर दिया! वो वैसा ही नियमपूर्वक कर रही थी जैसा उसने सीखा था, सवा हाथ से अधिक दूर नहीं होना चाहिए कपाल, ऐसा ही उसन...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

और फिर मैंने अपना बैग खोला! अपना सामान निकाला! ये तैयारी ही थी! आज मुझे वहाँ क्रिया मैं बैठना था! तारा के साथ! "मैं जाऊं क्या?" उन्होंने पूछा, "...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

उसने अब पहली बार गम्भीर होकर और बिना अल्हड़ता के सर हिलाकर हाँ कहा! "फिर से कहता हूँ, क्षमा मांग लेना, सुरक्षित रहोगी, नहीं तो तुम आयीं तो थी यहाँ य...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

"मैंने आजतक बहुत भण्डार देखे हैं धन के! अकूत! एक से एक लालच मिले हैं मुझे! महा-सिद्धियों के भी लालच, लेकिन मैं न तो झुका और न ही कभी किसी लालच में ही ...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

''छियासी जानती हो आप?" मैंने पूछा, "हाँ, जानती हूँ" उसने कहा, "क्या होता है छियासी?" मैंने पूछा, ''छियासी डौला में पारंगत" उसने कहा, "डौला...

1 year ago
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RE: वर्ष २०१० हस्तिनापुर की एक घटना

साध्वी के कक्ष में पहुंचा! वो खड़ी हुई अपना सामान संजो रही थी! मैेन उसको आवाज़ दी तो उसने मुझे अंदर बुलाया, मैं अंदर चला गया और भूरा वहीँ बाहर ही रहा, व...

1 year ago
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