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“हाँ, ये तो है” उन्होंने कहा, “बताओ आठ महीने से बेचारी बिस्तर पर पड़ी है” उन्होंने अफ़सोस ज़ाहिर किया, “हाँ, बेचारी कष्ट भोग रही है, और साथ के साथ उस...
“अच्छा, तो क्या बताया उस बाबा ने?” मैंने पूछा, “जी उसने बताया कि लड़की का बचना मुश्किल है अब, मसानी-क्रिया अंपा काम कर चुकी है, अब तो इसकी सेवा कर लो...
“हम्म, फिर, इलाज हुआ?” मैंने पूछा, “बाबा ने लड़की को देखा और कहा कि उसके ऊपर मसान छोड़ा गया है, तीन रातें नुपुर को उनके शमशान में रुकना होगा” वे बोले,...
“ओह! फिर?” मैंने पूछा, हम उसको वापिस घर ले आये, यहीं इलाज करते रहे उसका, उसको समय समय पर अस्पताल ले जाते थे हम” वे बोले, “अच्छा, फिर?” मैंने पूछा,...
मेरा कार्य समाप्त हो गया था! वे तीनों इस लोक से मुक्त हो गए थे! मैंने प्रधान को कह दिया कि वो अष्टमी के दिन वहाँ एक भोज आमंत्रित करे! वे प्रेतात्माए...
अब मुझे उनका मुक्ति-कर्म करना था! अतः अब मुझे उनको पकड़ना था! नहीं तो कोई और सक्षम-तांत्रिक इन फंसी हुई आत्माओं का अनुचित लाभ उठा सकता था, इसीलिए मैंने...
जानकारी देती है! लेकिन इसको सिद्ध करना अत्यंत क्लिष्ट एवं प्राणहारी सिद्धियों में से एक है! कई साधक सीधे-सीधे इसको सिद्ध करने लगते हैं, बिना इस से पहल...
अपने काका के काफिले की! बनैटा जाने के लिए! इसके आगे उन्हें कुछ याद नहीं था! अब यही ये रहस्य छिपा था! यही मुझे जानना था! “सुनो, तुम जहां छिपे हो छिप ...
“वो बनैटा में रहते हैं उनका अपना कारोबार है अनाज का” उसने बताया, अब ये बनैटा कहाँ है ये तो मुझे मालूम नहीं चल सका, “तुमने खबर की थी उनको?” मैंने प...
“उदय? तुम लोग यहाँ कैसे?” मैंने पूछा, “प्रतीक्षा में” उसने बताया, “किसकी प्रतीक्षा?” मैंने पूछा, “जो हमे लेने आने वाला है” उसने बताया, “कौन ले...
वो चौंक पड़े! “फिर आप कहाँ से आये हैं?” उसने पूछा, “यहीं पास में से” मैंने जवाब दिया, वो मेरा अर्थ न समझ सके! “तुम तीनों हो कौन?” मैंने पूछा, ...
वक़्त तेजी से बीत रहा था, मै मंत्रोच्चारण भी करता जा रहा था, फिर बजे बारह! मैंने शर्मा जी से कहा, “शर्मा जी वक़्त होने को है, अपना ख़याल रखियेगा, अगर कोई...
अब मै, शर्मा जी और प्रधान चल पड़े कुँए की तरफ! कुआँ दिखाई दे गया, काफी पुराना लखौरी ईंटों से बना हुआ कुआँ था वो! “अच्छा तो ये है वो कुआँ!” मैंने कहा,...
जी मैंने, आज से तीस बरस पहले” मेवा ने कहा और सारा किस्सा सुना दिया! बड़ा अच्छा ख़ासा वाकया सुनाया उसने! “और उसके बाद?” मैंने पूछा, “जी हमने!” सुरेश ...
