श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
Admin
Member
Joined: Apr 29, 2024
Last seen: Feb 10, 2026
Topics: 245 / Replies: 9249
Reply
RE: वर्ष २००८ जयपुर के पास की एक घटना

फिर दफ्तर चले गए हर्ष! दफ्तर में ऐसे उलझे कि वो रात वाली कोई घटना याद ही ना रही, वापिस आये तो शाम का अखबार ले लिया, उसमे भी कोई जिक्र नहीं उसका! उन्हो...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ जयपुर के पास की एक घटना

परिवार से सम्बन्ध रखने वाली थी वो, करीब दस किलोमीटर आगे चलने पर एक स्थानीय पुलिस-चौकी आई, तो हर्ष ने उस औरत को उतार दिया, औरत तेजी से उतरी और सड़क पार ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

“जो मै समझाना चाहता था, समझा दिया, आगे से मेरे सामने कभी आ गया तो तू अपने इस मानव-जन्म से घृणा करेगा अपने मरने तक!” मैंने कहा, उसके पास कोई विद्या न...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

बस जी लड़की ठीक हो जाए, फिर उसका ब्याह कर के मै तो फारिग हो जाऊं” सुरेश ने कहा, “रिश्ता भी हम ही करा देंगे, चिंता ना करो” उसने कहा, “जी आपका धन्यवा...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

हम थोडा आगे चले, इर एक गलियारे में प्रवेश किया, वहीँ आगे कुछ कक्ष बने हुए थे, हम उन्ही में से एक के सामने रुक गए, “मै देख कर आता हूँ अभी” सुरेश ने क...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

रास्ते में गाड़ी रोक कर एक जगह से पटल भरवा लिया हमने, वहीँ एक दुकान से चाय भी पी ली हमने! और फिर आगे बढ़ चले! “गुरु जी? अब तो ठीक रहेगी नुपुर?” सुरेश ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

था, उसके पूरे शरीर में प्रदाह-अग्नि भड़की थी! बीच बीच में अपने हाथ जोड़ लेता था, मदद की गुहार के लिए! मैंने अपनी जेब में रखी पोटली से भस्म निकाली, और उस...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

“कौन सा इलाज करना ही, मै सब जानता हूँ! तुमने उस लड़की कोई तीन दिन की ब्याहता बनाना था, शादी रचाता वो जोगीराज! उसके बाद जोगीराज उस लड़की को ले जाता अपने ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

“ओह! अब क्या होगा?” मैंने फिर से नाटक किया! “ये बाबा हटा देगा मसान उस लड़की से!” उसने छाती ठोंक कर कहा! “अच्छा? कमाल है!” मैंने कहा, “ये बाबा कमा...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

“बस बाबा धक्के खा रहे हैं हम तो!” सुरेश ने कहा, “बाबा ने तो पहले ही कहा था! यहीं आओगे!” उसने ज़मीन पर हाथ मारते हुए कहा! “हाँ बाबा, गलती हो गयी, क्...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

थोड़ी देर में ही उनकी कामवाली अन्दर आ गयी, मै और शर्मा जी कमरे से बाहर निकल गए! शर्मा जी ने पूछा,”इस बुग्गन की भी बजा देते हैं फूंकनी!” “हाँ! इसीलिए ...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

मृत्यु का ग्रास बन जाती! तुम तीनों का पाप क्षमा के योग्य क़तई नहीं, अब तू मुझे ये बता कि मै तेरा क्या करूँ? बुग्गन और जोगीराज की नियति तो मैंने तय कर ह...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

“क्रिया गढ़ वाले बाबा बुग्गन को करनी थी उसके लिए” उसने बताया, “बुग्गन ने क्रिया क्यों करनी थी?” मैंने पूछा, “जोगीराज ने नुपुर को तीन रात की ब्याहता...

1 year ago
Reply
RE: वर्ष २००८ ग़ाज़ियाबाद की एक घटना

वो नहीं बोला! “देख ओमू, अगर तू नहीं बोला अब, तो मै तेरा वो हाल करूँगा कि तेरा वो बाप जोगिराज भी कुछ नहीं कर पायेगा” मैंने धमकाया उसको! लेकिन वो नह...

1 year ago
Page 78 / 633
error: Content is protected !!
Scroll to Top