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दूसरी ओर खड़ी थी! मैंने सभी को वहीँ रुकने को कहा और फिर मै गाड़ी से बाहर निकला! तब तक वो सड़क पार कर उस खोमचे के पास आ चुकी थी! अब मै गया खोमचे के पास!...
“जी हाँ, ऐसा ही होगा” हर्ष ने कहा, “वो सड़क पार करती है?” मैंने पूछा, “हाँ जी, लेकिन आधे में आते ही गायब हो जाती है” हर्ष ने कहा, “अच्छा!” मैंने ...
“नहीं गुरु जी” उसने कहा, “कोई ख़ास बदलाव इन दो मुलाकातों में?” मैंने पूछा, “नहीं गुरु जी” उसने बताया, “अच्छा! उसने सामने की ओर इशारा किया था, साम...
तब हर्ष अपने कमरे में चले गए! लेकिन रात वाली घटना ने झकझोड़ रखा था उन्हें! तभी उनको ख़याल आया अपने छोटे भाई आलोक का, वो ऐसे ही कामों में लगा रहता था, कभ...
बोली,” आपका बहुत बहुत धन्यवाद, अब बच जायेंगे वो दोनों” इतना कह वो सड़क पर मुड़ी और गायब हो गयी! हर्ष को काटो तो खून नहीं! विमल जैसे अचेत हो गया था! जा...
“जी मै आपको पुलिस-चौकी ले गया था एक महीने पहले” हर्ष ने डरते हुए जवाब दिया, “किसलिए?’ उसने अपनी गर्दन टेढ़ी करते हुए पूछा, और उसका ये रूप देखा हर्ष क...
उसने कोई जवाब नहीं दिया, बस सड़क की ओर घूरती रही! “कौन हो तुम? ये तो बताओ?” हर्ष ने पूछा, उसने अपने हाथ से सामने की ओर इशारा किया, हर्ष ने सामने दे...
तब हर्ष ने धीरे से गाड़ी का दरवाज़ा खोला और धीरे से बाहर आये! “विमल, घबराना नहीं, मै आता हूँ अभी” हर्षा ने कहा, “जी…….जी….साहब” कांपते कांपते विमल न...
दोनों टकटकी लगाए घूर रहे थे वो खोमचा! लेकिन अभी तक कोई हरकत नहीं हुई थी वहाँ! आधा घंटा और बीता, कुछ नहीं हुआ, सड़क के दोनों तरफ गाड़ियां फर्राटे से दौ...
“अरे ऐसा नहीं है, और हम कौन सा तंग कर रहे हैं उसको?” हर्ष ने कहा, “साहब, अब डर तो लगता ही है न!” विमल ने नशे में बोला! गाडी फर्राटे से दौड़े जा रही...
अब फंसा विमल! एक तो वो उसके अधिकारी! ऊपर से प्रेत का डर! “कब चलना है साहब?” विमल ने कहा, “इस रविवार रात को चलते हैं” हर्ष ने कहा, “ठीक है जी” वि...
“साहब, जहां तक मुझे याद है, उसने पीले रंग का ब्लाउज और साड़ी पहनी थी, वो भी पीले रंग की” विमल ने बताया, “अच्छा, फिर क्या हुआ आगे?” हर्ष ने पूछा, “ह...
कोई नहीं था वहाँ! संभवतः ये उनके मस्तिष्क का ही वहम था, जिसने उस औरत का कपोल-चित्र बना दिया था! काफी देर वहाँ ठहरने के बाद उन्होंने गाड़ी आगे बढ़ाई, शीश...
बात कही, तब उनके अधिवक्ता मित्र ने उनको उक्त जानकारी देने के लिए आश्वासन दिया! करीब एक हफ्ते के बाद, वो अधिवक्ता मनीष, हर्ष के पास आये और उस दुर्घटन...
“उसने हाथ दिया मेरी गाड़ी को, पहले तो मै घबराया, कि इतने बियाबान में ये औरत क्या कर रही है यहाँ अकेली? कौन है?” किशन ने बताया, “फिर?” हर्ष ने आँखें ग...
