श्रीशः उपदंडक
श्रीशः उपदंडक
@1008
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

वे दोनों नव-यौवनाएं भाग कर उस पनाहगाह में आ गयीं! और बाबा खेड़ंग नाथ भी आ गए, और फिर सभी चल पड़े वापिस, स्थान की ओर, आज क्रिया टल गयी थी, हाँ,...

2 years ago
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RE: वर्ष २०१० काशी के पास की एक घटना

फिर भी, हवा चलती थी तो, पसलियों को चूम लेती थी! और पसलिया रीढ़ की हड्डी पर दस्तक दे मारतीं! वो पनाहगाह बड़ी भी ज़यादा नहीं थी, बस दिन में कभी कोई...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

तब कमिया ने उसको देखा और तब! खून का फव्वारा छूटा उसके मुंह से! इस से पहले दिल्लू कुछ समझता, सर फट गया दिल्लू का! बदन भी फट गया! केवल दिल धड़कता रहा अपन...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

मित्रगण! प्रेम अँधा होता है! साधना भूल गया दिल्लू! प्रेम के आगे हार गया दिल्लू! रो पड़ा बुक्का फाड़कर! रो पड़ा अपनी भुजाओं में कमिया को पाकर! “कमिया! म...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

प्रेम! क्या अनुभूति! यही तो चाहता था दिल्लू! वो और कमिया! बस और कोई नहीं! आंसू छलक गए अब दिल्लू के! खड़ा हुआ! औए नीचे आया! और आके गले लग गया कमिया के! ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

अब उस लड़की ने अपनी ऊँगली पर चाक़ू की नोंक रखी और चाक़ू खींच दिया! आश्चर्य! रक्त की बूँदें छलछला गयी ऊँगली पर! उसने अपनी ऊँगली दिल्लू को दिखाई! ये देख ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

उसके आंसूं बहने लगे झर झर! चेहरे पर काजल फ़ैल गया उसके! दिल्लू ने देखा तो झटका खाया! माया के आसूं? ये कौन सी दुर्लभ माया है? ओह! ये कैसी परीक्षा है? ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

“दिल्लू मेरा यकीन कर, मै कमिया ही हूँ! तेरी कमिया जिसके लिए तूने दो सालों तक इंतज़ार किया, वही कमिया!” उस लड़की ने कहा, दिल्लू दुविधा में फंस गया बेचा...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

नहीं डिग सकता! मै अपनी क्रिया में तत्पर रहूँगा! ऐसा सोच फिर से बैठ गया दिल्लू साधना में! मंत्र पढता रहा! मात्र पांच सौ तीन मंत्र रह गए थे! मात्र पांच ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

दिल्लू ने आसन बिछाया! शमशान-पूजन किया और फिर शमशान भोग दिया! आज त्रिशूल भी लाया था दिल्लू! उसके बाद उसने अलख उठायी और क्रिया आरम्भ की! दिल्लू ने सही उ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

फिर आई तीसरी रात! आज आसन को बिछाने का प्रयोग था! उसने आसन पूर्ण किया! और फिर बिछाने का कर्म आरम्भ किया! उसने अपने हाथ की हथेली को चाक़ू से काटा और रक्त...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

होगी बाबा उसको सूचित कर देंगे! ये शमशान उन्ही के गाँव का एक शिवाना था, पीछे नहर बहती थी छोटी सी! और वो दिन भी आ गया! अब दिल्लू काम-काज छोड़ बाबा का भ...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

“बेटा, जो मै कर सकता था कर लिया” बाबा ने कहा, ऐसा सुनके सर घूम गया दिल्लू का! ये तो मरते में दो लात और मार दीं ऐसा हुआ! “बाबा कोई और रास्ता बताओ?”...

2 years ago
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RE: वर्ष २००९ रुड़की की एक घटना

इतना सुन दिल्लू का दिल डूबा! आँखों के सामने अँधेरा आ गया! मुंह खुला रह गया दिल्लू का! धडाम से गिरा अपने ख्यालों में ज़मीन पे! ये क्या सोचा और क्या हो ग...

2 years ago
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